उत्तर प्रदेश के बाद हरियाणा सरकार भी राजस्थान के कोटा में फंसे अपने विद्यार्थियों को लाने के लिए आगे आई है। मनोहर लाल सरकार ने 31 रोडवेज बसों को कोटा भेजा है। गुरुवार को रेवाड़ी डिपो व नारनौल डिपो की 15-16 बसें राजस्थान पहुंच गई हैं। ये शुक्रवार सुबह विद्यार्थियों को लेकर वहां से हरियाणा के लिए रवाना होंगी। सरकार के अलावा रेवाड़ी व नारनौल रोडवेज डिपो ने कोटा में कोचिंग लेने वाले विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को इसकी सूचना दे दी है।
कोटा में कोचिंग लेने गए छात्र बंद के बाद से वहीं फंसे हैं। कोटा प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों से हरियाणा के फंसे हुए छात्रों की जानकारी मांगी थी। जिसके तहत 858 छात्र कोटा में फंसे हुए पाए गए। इसकी जानकारी कोटा प्रशासन ने हरियाणा सरकार से साझा की और उन्हें निकालने के लिए कहा। सरकार ने कहा कि जो भी विद्यार्थी आना चाहते हैं, वे आ सकते हैं।
विद्यार्थियों को मास्क लगाकर आना अनिवार्य है। कोटा प्रशासन इसमें सहयोग करेगा। जिन विद्यार्थियों ने कोटा प्रशासन को फंसे होने की जानकारी नहीं दी है, वे जल्दी दें। जानकारी मिली है कि अभी कोटा में काफी विद्यार्थियों को बसों के आने की सूचना नहीं है। इसलिए कोटा प्रशासन से आग्रह किया गया है कि वे विद्यार्थियों से संपर्क कर पैकिंग करने की सूचना दें ताकि वे घर लौट सकें। परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा ने बसें भेजने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अगर फंसे हुए विद्यार्थी ज्यादा निकले तो रेवाड़ी डिपो से और बसें भेजी जाएंगी। सरकार के निर्णय अनुसार सभी विद्यार्थियों को लाएंगे।