अमृतसर में राम बाग स्थित जलियांवाला बाग मैमोरियल सिविल अस्पताल में वीरवार को एक गायनी डॉक्टर ने गर्भवती महिला के साथ दुर्व्यवहार किया। आरोप है कि महिला को डॉक्टर ने गेट आउट कहा और फिर अपशब्दों का इस्तेमाल किया। महिला ने इसकी शिकायत अस्पताल के एसएमओ डॉ. चरणजीत सिंह से की है।
आटा मंडी की रहने वाली मोहिनी ने बताया कि वह तीन माह की गर्भवती है। बुधवार को उसके पेट में दर्द और रक्तस्राव हुआ। वह वीरवार को सिविल अस्पताल आई और पर्ची कटवाकर गायनी डॉक्टर के पास जाने की कोशिश की। इसी दौरान वहां तैनात एक महिला डॉक्टर ने उसे कहा... गेट आउट, तुम्हारे जैसे लोग ही कोरोना फैलाने के लिए सिविल अस्पताल में आ जाते हैं। अस्पताल के डॉक्टर कोरोना ग्रस्त हो रहे हैं।
महिला के अनुसार उसने मास्क भी पहना हुआ था। इसके बावजूद डॉक्टर ने उसके साथ बुरा व्यवहार किया। समाजसेवी जयगोपाल लाली ने इस घटना की शिकायत मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को ईमेल भेजकर कर दी है। साथ ही अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि वह गायनी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे अन्यथा वे सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर अस्पताल प्रशासन का पुतला फूंकेंगे।
लाली ने कहा कि सरकार से लाखों रुपये वेतन पाने वाले सरकारी डॉक्टर ही मरीजों से दुर्व्यवहार कर रहे हैं। इससे सरकारी सेहत सेवाओं के प्रति लोगों का विश्वास उठ रहा है। गौरतलब है कि इसी माह इस सिविल अस्पताल में गर्भवती महिला और उसकी कोख में पल रहे शिशु की मौत हो गई थी। आरोप था कि महिला छह घंटे तक तड़पती रही, पर गायनी डाक्टरों ने उसे हाथ तक नहीं लगाया। इस मामले की अभी तक जांच चल रही है।
मुझे शिकायत मिली है। महिला से दुर्व्यवहार हुआ या नहीं, यह जांच का विषय है। डॉक्टर से लिखित जवाब मांगा गया है।
- डॉ. चरणजीत सिंह, एसएमओ