कोविड सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करके पंजाबियों के जीवन को जोखिम में डालने वाले लोगों के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खतरनाक नतीजों के प्रति आगाह किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में कोविड मामलों की बढ़ती संख्या सामने आ रही है।
यह बताते हुए कि पंजाब में शुक्रवार को 665 केस रिपोर्ट हुए और अलग-अलग उल्लंघन के लिए 4900 चालान जारी किये गए, कैप्टन ने पूछा कि मास्क पहनना, हाथ धोना और सड़कों पर न थूकना इतना कठिन क्यों है? मुख्यमंत्री द्वारा उन लोगों को, जो सुरक्षा उपायों को अपनाने के लिए उनकी लगातार अपीलों को नजरअंदाज कर रहे हैं, से पूछा कि, ‘‘क्या आपको अपने पंजाबी बहन-भाइयों की कोई चिंता नहीं।’’
महाराष्ट्र और दिल्ली की मिसाल देते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब की सुरक्षा यहां के लोगों के हाथों में ही है। साप्ताहिक फेसबुक प्रोग्राम ‘कैप्टन से सवाल’ के दौरान मुख्यमंत्री ने नौजवानों से कहा कि भारत सरकार के अनलॉक-3.0 संबंधी निर्देशों के मुताबिक, उनकी सरकार द्वारा 5 अगस्त से जिम खोलने संबंधी एलान किया गया है, इसके चलते उन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा जल्द ही जारी किए जाने वाले निर्देशों और सुरक्षा उपायों को सख्ती से अपनाना होगा।
प्रदेश में बेडों की कोई कमी नहीं है
लुधियाना निवासी द्वारा बेडों की उपलब्धता के बारे में कौवा एप पर रोजाना जानकारी मुहैया करवाने की अपील के जवाब में सीएम ने कहा कि वह इस संबंधी प्रबंध करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देंगे। उन्होंने भरोसा दिया कि बेडों की कोई कमी नहीं है क्योंकि मामलों में वृद्धि को देखते हुए पहले ही उचित बंदोबस्त कर लिए गए थे। शुतराना निवासी द्वारा पूछे गए सवाल कि कोरोना वायरस कब खत्म होगा कि किसी को मास्क कभी न पहनना पड़े, के जवाब में कैप्टन ने कहा कि उनके सामने भी यही सवाल है और वह इस स्थिति से तंग आ चुके हैं। जब तक यह खत्म नहीं होता, मास्क पहनने के अलावा और कोई हल नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘हम इतने मुश्किल भरे समय से एकसाथ गुजरेंगे और जीतेंगे।
सरकार वन-स्टैप प्रमोशन देने के लिए प्रतिबद्ध है
बरनाला के कारगिल बहादुरी पुरस्कार और सेना मेडल विजेता बलकार सिंह द्वारा पुलिस और रक्षा सेवाओं के लिए पहले किए एलान के अनुसार वन-रैंक प्रमोशन के बारे में पूछे सवाल पर सीएम ने कहा कि राज्य सरकार बहादुरी पुरस्कार विजेताओं को वन-स्टैप प्रमोशन देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बलकार सिंह को भरोसा दिलाया कि वह इस लाभ के लिए योग्य हैं और यह जल्द मुहैया करवाया जाएगा। यह बताते हुए कि आज फर्स्ट एंड सेकेंड सिक्ख का स्थापना दिवस है, कैप्टन द्वारा बहादुरी के लिए जानी जाती यूनिटों के सभी सेवा निभा रहे और सेवामुक्त सैनिकों को बधाई दी गई।
पंजाबी गायकों से बंदूक संस्कृति को प्रोत्साहन न देने की अपील
कुछ पंजाब गायकों द्वारा बंदूक संस्कृति को उत्साहित करने के प्रसंग में मुख्यमंत्री द्वारा समूचे गायकों को ऐसे गाने न गाने और इसकी जगह पंजाबी संस्कृति और सोच के प्रति प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने राजपुरा निवासी द्वारा इस मुद्दे पर चिंता जताने पर कहा कि गायकों को गिरफ्तार करना वास्तव में कोई हल नहीं और इन लोगों को नौजवानों पर ऐसे गीतों के पडऩे वाले बुरे प्रभावों को समझना चाहिए।
नशा मुक्ति केंद्रों में हर छह माह पर होंगे पीड़ितों के यूरिन टेस्ट
पंजाब सरकार नशा छुड़ाने वाली दवाओं का दुरुपयोग रोकने के लिए हर छह माह पर नशामुक्ति केंद्रों में यूरीन (पेशाब) टेस्ट शुरू करने जा रही है। यह बात मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को अपने फेसबुक लाइव सेशन ‘कैप्टन से सवाल’ के दौरान एक सवाल के जवाब में कही।
लुधियाना के एक नौजवान द्वारा मुख्यमंत्री से अपील की गई कि वह ओट क्लीनिक के लिए यह निर्देश दें कि पुरानी परंपरा के अनुसार एक समय में 10 दिनों के लिए दवा दी जाए, नहीं तो रोज की दवा लेने के लिए रोजाना लंबे समय तक लाइनों में खड़े होकर समय बर्बाद होता है। नौजवान ने कहा कि रोजाना के लंबे इंतजार में समय खराब होने के कारण वह हर दिन अपने काम से लेट हो जाता है।
इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जल्द ही हर छह माह बाद यूरिन टेस्ट शुरू करने जा रही है ताकि यह यकीनी बनाया जा सके कि दवा में कोई तब्दीली करने की जरूरत तो नहीं। उन्होंने कहा कि हालांकि सरकार द्वारा 7 दिनों के लिए नशा छुड़ाने वाली दवाएं घर ले जाने की आज्ञा दी गई है लेकिन ज्यादा मात्रा में दवाएं नहीं दी जा सकतीं क्योंकि इससे इसके दुरुपयोग की संभावना हो सकती है।
कोविड की बंदिशों के कारण तीन महीने से ओट क्लीनिकों में रोजाना आने वाले मरीजों की संख्या और दवाओं के वितरण में भारी वृद्धि हुई है। इस कारण नशा पीड़ित लोगों के लिए दवाओं की उपलब्धता प्रभावित हुई है। जुलाई 2018 से जून 2020 तक इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या में तीन गुना वृद्धि हुई है। जुलाई 2019 में मरीजों की संख्या 1,03,553 थी जो जून 2020 में सिर्फ एक साल के अंदर बढ़कर 3,26,301 हो गई।