हरियाणा के बहुचर्चित शराब घोटाले में एसईटी की रिपोर्ट देखकर गृह मंत्री अनिल विज का मूड उखड़ गया है। विज के अनुसार रिपोर्ट के नाम पर सिर्फ खानापूरी की गई है। अंदरखाने सरकार पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की सिफारिश कर सकती है। फिलहाल विज ने गृह सचिव को रिपोर्ट भेज कर पांच दिन में यह पूछा है कि किन बिंदुओं पर कार्रवाई की जा सकती है।
एसईटी की रिपोर्ट मिलने के बाद विज ने कुछ पन्ने पलट कर देखे थे, लेकिन उन पन्नों में सिर्फ आंकड़ेबाजी और बयानबाजी थी। जिसे देख-कर विज आगबबूला हो गए। एसईटी की शक्तियां बढ़वाने के लिए विज ने कई बार प्रयास किया, लेकिन उनका प्रयास सिरे नहीं चढ़ा।
विज एसईटी को शक्तियों के तौर पर यह मांग कर रहे थे कि एसईटी को पुलिस कस्टडी में कैद अभियुक्तों से पूछताछ की इजाजत मिले, लेकिन एसईटी की शक्तियां शराब गोदामों में स्टाक की जांच तक की सीमित रहीं। इस जांच में भी आबकारी विभाग ने एसईटी को वे कागजात उपलब्ध नहीं करवाए जो कि करवाए जाने चाहिए थे। लिहाजा एसईटी की जांच ढाक के तीन पात के बराबर रही। अब इस मामले में विपक्ष भी आक्रामक हो रहा है।
मैने गृह सचिव के पास रिपोर्ट भेजी है। पूछा है कि अध्ययन करके सभी बिंदुओ से अवगत करवाया जाए। जिसके आधार पर कार्रवाई की जा सकती है।
- अनिल विज, गृह मंत्री, हरियाणा