18 से 44 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों के लिए और 45 साल से अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास इस समय वैक्सीन का स्टाक नहीं है। उल्लेखनीय है कि राज्य में एक जून से 18-44 साल के उम्र वर्ग के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया जाना है, जिसके लिए राज्य सरकार ने वैक्सीन की 30 लाख डोज की मांग की है।
केंद्र सरकार से वैक्सीन नहीं मिलने के बारे में विकास गर्ग ने बताया कि इस संबंध में केंद्र सरकार द्वारा शेडयूल जारी किया जाता है और उसी के हिसाब से वैक्सीन जारी होती है। पंजाब सरकार लगातार केंद्र से संपर्क में है। पंजाब के लिए वैक्सीन का कोटा बढ़ाने की भी मांग की जा रही है। उम्मीद है कि अगले महीने से बढ़कर मिलेगी।
'अकाली दल को जो वैक्सीन मिली वे उसके पात्र'
अकाली दल द्वारा राज्य में वैक्सीनेशन के लिए अपने कैंप लगाए जाने को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में गर्ग ने बताया कि केंद्र सरकार ने कुछ कोटा निजी अस्पतालों के लिए रखा है और निजी अस्पतालों को सीधे आपूर्ति की जा रही है। केंद्र ने ही इन अस्पतालों के लिए वैक्सीन के दाम भी निर्धारित किए गए हैं। निजी अस्पताल जिसे भी टीका लगाएंगे, उसका पूरा डाटा उन्हें देना होगा। अगर इस कोटे के तहत अकाली दल को वैक्सीन मिली है तो वह उसके पात्र हैं।
‘निजी अस्पतालों केंद्र के समक्ष आवेदन करें’
विकास गर्ग ने कहा कि राज्य सरकार भी निजी अस्पतालों को प्रोत्साहित कर रही है कि वे वैक्सीन हासिल करने के लिए केंद्र के समक्ष आवेदन करें। ताकि जो लोग वैक्सीन के लिए पैसा खर्च कर सकते हैं, उन्हें राज्य के निजी अस्पतालों में वैक्सीन की सुविधा मिल सके। पंजाब में इस समय 23 ऐसे सेंटर चल रहे हैं, जहां शुल्क पर वैक्सीन लगाई जा रही है।
वैक्सीनेशन की राज्य में कहीं कालाबाजारी नहीं हो रही है और इसके वितरण की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी है। निजी अस्पतालों को जारी होने वाली सप्लाई का भी पर्याप्त लॉट और नंबर दर्ज किया जाता है। निजी अस्पतालों ने कितनी वैक्सीन लगाई और किस दाम पर लगाई, इसका पूरा हिसाब रखा जा रहा है।