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कोरोना: बच्चों को सुरक्षित करने की तैयारियां, बफर स्टॉक में रखीं दवाएं और इंजेक्शन

Sun, 22 Aug 2021 01:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़

सार

  • तीसरी लहर की तैयारियां जोरों पर, हरियाणा सरकार ने बच्चों के लिए 102 नए वेंटिलेटर खरीदे
  • संक्रमण जांचने को लेकर स्कूली विद्यार्थियों के सैंपल लेने पर जोर
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अनिल विज - फोटो : Twitter : @anilvijminister
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विस्तार
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कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर हरियाणा सरकार ने तैयारियों तेज कर दी हैं। इसके तहत बच्चों से संबंधित दवाइयों और इंजेक्शन का बफर स्टाक रख लिया गया है। साथ ही बच्चों से संबंधित 102 नए वेंटिलेटर खरीदे जा चुके हैं । इनको जिलों को भेजा जा चुका है। ऑक्सीजन प्लांट पर तेजी से काम चल रहा है। अब नए फैसले के तहत स्कूलों में विद्यार्थियों के सैंपल लेने पर जोर रहेगा, ताकि बच्चों में संक्रमण के आंकड़े सामने आ सकें। इस समय रोजाना 27 हजार सैंपल लिए जा रहे हैं, इनको बढ़ाकर फिर से 35 हजार के करीब ले जाने का लक्ष्य है।

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संभावित तीसरी लहर की तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज विभाग के अधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं। हरियाणा मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन ने बच्चों से संबंधित दवाइयां और इंजेक्शन रेमडेसिविर, एंफोटेरेसिन बी आदि का पर्याप्त स्टॉक पहले से ही रख लिया है।  वहीं, राज्य सरकार के आदेश पर पीजीआई रोहतक पहले से ही मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों को बाल रोग से संबंधित प्रशिक्षण दे चुका है। कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और इंजेक्शन की भारी कमी देखी गई थी। इससे मरीजों और लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले से ही तीसरी लहर को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।

बच्चों के लिए वेंटिलेटर हुए 426
हरियाणा में  बाल रोगियों के लिए 4040 आइसोलेशन बेड हैं, जबकि 5,069 आईसीयू बेड हैं। इनमें से बच्चों के लिए 827 आईसीयू बेड हैं और नवजात बच्चों के लिए 708 है। बच्चों के लिए 102 नए वेंटिलेटर खरीदे गए हैं, ऐसे में कुल वेंटिलेटर 426 हो गई है।
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डॉक्टरों की कमी बरकरार
इस समय प्रदेश में बाल रोग विशेषज्ञों की कमी बरकरार है। एनएचएम की ओर से भर्ती के लिए प्रयास भी जारी हैं। बावजूद इसके जिलों के छोड़कर उपमंडल स्तर, पीएचसी व सीएचसी स्तर पर डाक्टरों की कमी है। ज्यादातर जिलों में दो से तीन बाल रोग विशेषज्ञ ही हैं। हालांकि, सरकार का तर्क है कि इसके लिए मेडिसन विभाग के डाक्टरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

संभावित कोरोना की तीसरी लहर को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर है। दोनों कोरोना लहर से सबक लेते हुए भी सरकार ने तैयारियां की हैं। आईसीयू बेड से लेकर लेकर वेंटिलेटर और दवाइयों का प्रबंध कर लिया गया है। वहीं, संक्रमण का पता करने को लेकर सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। 
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-अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री

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