साल 2014 के विवादित स्टडी टुअर के लिए जिन 13 पार्षदों से 9-9 हजार रुपये की रिकवरी ली गई है, उन्हें यह राशि वापस नहीं की जाएगी। कमिश्नर ने सदन में पार्षदों द्वारा लिए गए फैसले को मानने से इंकार कर दिया है। चार माह पहले नगर निगम सदन की बैठक में पार्षदों से वसूली गई रिकवरी खारिज कर राशि वापस लौटाने का फैसला लिया था, लेकिन कमिश्नर बी पुरुषार्था ने सदन के फैसले को खारिज कर दिया है।
कमिश्नर का कहना है कि पूर्व कमिश्नर विवेक प्रताप सिंह ने पार्षदों से रिकवरी चार्ज करने का निर्णय लिया था, क्योंकि 13 पार्षदों के कारण होटल का चार्ज बढ़ गया था, इसलिए अब इस रिकवरी को खारिज नहीं किया जा सकता। 30 मार्च को होने वाली सदन की बैठक में भाजपा पार्षद सतीश कैंथ ने जब यह मामला उठाया था तो पुरुषार्था ने स्थिति स्पष्ट कर दी थी। सदन द्वारा रिकवरी खारिज करने के बारे में उन्होंने कहा कि यह सदन की भावना हो सकती है,लेकिन पिछले अधिकारी के आदेशों को पलटना आसान नहीं है। साल 2014 में पार्षद चेन्नई, कोलकाता और पोर्ट ब्लेयर के स्टडी टुअर पर गए थे।
इन पार्षदों से वसूली गई रिकवरी
जिन 13 पार्षदों से रिकवरी ली गई है उसमे मेयर अरुण सूद के अलावा पूर्व मेयर पूनम शर्मा, पूर्व डिप्टी मेयर गुरबख्श रावत, आशा जसवाल, शीला देवी, सतीश कैंथ, बाबूलाल, गुरचरण दास काला और एमपी कोहली शामिल हैं। ये पार्षद अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को सरकारी टुअर पर साथ ले गए थे। इसके चलते टुअर का खर्चा बढ़ गया था।
इस बार रखे है 50 लाख की राशि
इस साल भी पार्षद स्टडी टुअर पर जाएंगे। नगर निगम के नए वित्तीय वर्ष के बजट में भी टुअर के लिए 50 लाख रुपये का प्रावधान है। मालूम हो कि साल 2014 में स्टडी टुअर पर के दौरान ही अकाली पार्षद मलकीयत सिंह की मौत हो गई थी।
अफसर छुपा रहे रिपोर्ट
चार माह पहले यह भी निर्णय हुआ था कि पिछले साल में अभी तक जितने भी स्टडी टूर गए है उनमे जो जो पूर्व पार्षद अपने साथ अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को साथ लेकर गए है, उनकी रिपोर्ट सदन में पेश की जाएगी, लेकिन अधिकारी इस रिपोर्ट को छुपा रहे हैं।