चंडीगढ़। सेक्टर-34 एग्जीबिशन ग्राउंड की छह महीने की ई-ऑक्शन प्रक्रिया फाइनेंशियल बिड खुलने से पहले ही विवादों में आ गई है। नगर निगम ने अभी फाइनेंशियल बिड खोलने के लिए कमेटी का गठन तक नहीं किया है, लेकिन इससे पहले ही सुरेंद्र कपिला ने निगम कमिश्नर को शिकायत देकर तीनों कंपनियों पर आपस में पूलिंग कर कम रेट लगाने का आरोप लगा दिया है।
कपिला ने शिकायत में मांग की है कि मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित की जाए और ई-ऑक्शन दोबारा करवाई जाए। उनका कहना है कि इससे ज्यादा कंपनियां हिस्सा लेंगी और नगर निगम को अधिक आय होगी। कपिला के अनुसार, पिछले साल पांच महीने के लिए एग्जीबिशन ग्राउंड की ऑक्शन 1.27 करोड़ रुपये में हुई थी। उन्हें उम्मीद थी कि इस बार भी बोली सवा करोड़ रुपये तक पहुंचेगी, इसलिए उन्होंने ई-ऑक्शन में हिस्सा नहीं लिया। अब उनका कहना है कि 95 लाख रुपये की बोली से 20 लाख रुपये ज्यादा देने को तैयार हैं।
वहीं, ई-ऑक्शन में हिस्सा लेने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कपिला के आरोपों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कपिला या उनकी किसी कंपनी ने ई-ऑक्शन में भाग नहीं लिया। ऐसे में पूलिंग का आरोप किस आधार पर लगाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत के जरिए ग्राउंड की प्रक्रिया रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
सेक्टर-34 एग्जीबिशन ग्राउंड के लिए तीन कंपनियों ने हिस्सा लिया है। इनमें क्लासिक प्रोमोशंस, इनोवेटिव इंसेंटिव एंड इवेंट प्राइवेट लिमिटेड और एसबीएल एक्सपो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। ग्राउंड का रिजर्व प्राइस 90 लाख रुपये था, जबकि ई-ऑक्शन में बोली 95 लाख रुपये तक पहुंची है। हालांकि फाइनेंशियल बिड खुलने के बाद ही पता चलेगा कि यह बोली किस कंपनी ने लगाई है।
गौरतलब है कि सेक्टर-34 एग्जीबिशन ग्राउंड को लेकर पहले भी शिकायतें आती रही हैं। वहीं, नगर निगम के सेक्टर-17 सर्कस ग्राउंड और मनीमाजरा दशहरा ग्राउंड के लिए इस बार भी कोई कंपनी आगे नहीं आई। इन दोनों ग्राउंड को निगम बाद में किराये पर देता है।