ओलंपिक मेडल विजेता पहलवान साक्षी मलिक
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ओलंपिक मेडलिस्ट पहलवान साक्षी मलिक के कोच को लेकर विवाद गहरा गया है। चार लोगों ने ईनाम के लिए दावेदारी ठोकी है। वहीं, विवाद ऐसा छिड़ा कि कोच पर होने वाली सरकार की धनवर्षा को शुरू होने से पहले ही रोक दिया गया। साक्षी का कोच होने का चार लोगों ने दावा ठोंका है और सरकार असमंजस में फंस गई है कि आखिर किसको कोच माना जाए।
अब कहा जा रहा है कि साक्षी मलिक जिस पर अपनी सहमति देंगी उसको ही कोच माना जाएगा और उसने ही इनामी राशि दी जाएगी। रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली साक्षी मलिक ने कुश्ती की शुरुआत साल 2004 में सर छोटूराम स्टेडियम से कीथी। उस समय वहां के कोच ईश्वर दहिया थे। उन्होंने साक्षी को कुश्ती के शुरुआती दांव पेंच सिखाए।
दहिया छह साल तक साक्षी के कोच रहे। उनके बाद वर्ष 2011 में सर छोटूराम स्टेडियम में सरकार ने कुश्ती की एकेडमी शुरू की तो झज्जर के जिला खेल अधिकारी और कई महीने तक रोहतक के कार्यवाहक खेल अधिकारी रहे राजबीर सिंह बतौर कुश्ती कोच तैनात रहे।