दिल्ली में प्रदर्शन करते पंजाब के संविदा कर्मी
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पंजाब के संविदा कर्मचारियों ने बुधवार को दिल्ली में एआईसीसी कार्यालय के सामने पंजाब सरकार के खिलाफ धरना दिया। ये कर्मचारी स्थायी न करने की वजह से खफा हैं। अमृतसर के संविदाकर्मी विकास ने कहा कि कांग्रेस ने 2017 के चुनावी घोषणा पत्र में हमसे वादा किया था कि पहली कैबिनेट बैठक में संविदा कर्मियों को नियमित किया जाएगा लेकिन अब तक कुछ भी नहीं किया गया है।
छह सितंबर से बसों का चक्काजाम
उधर, संविदा कर्मचारियों ने नियमित करने की मांग न माने जाने पर छह सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का पहले ही फैसला ले लिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में राज्य में लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। संविदा कर्मी छह सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।हड़ताल पर जाने का मतलब यह होगा कि राज्य में पंजाब रोडवेज, पनबस, पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) की सभी बसों का संचालन बंद कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री आवास भी घेरेंगे कर्मचारी
मुलाजिम सात सितंबर से मुख्यमंत्री के आवास के समक्ष पक्का मोर्चा लगाएंगे। सत्र के पहले दिन विधानसभा का घेराव करेंगे। कांट्रेक्ट मुलाजिम नेता जसबीर सिंह और गुरप्रीत सिंह ने बताया कि सरकार ने मुलाजिमों की मांग नहीं मानी हैं। इसी वजह से राज्य में सरकारी बसों का परिचालन बंद होगा। इस सारी अव्यवस्था की जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। उनकी मांग है कि सरकार कांट्रेक्ट मुलाजिमों को तुरंत पक्का करें, छोटे केसों में बर्खास्त मुलाजिमों को बहाल करें और सरकारी बेड़े में 10,000 नई बसों को शामिल करें।