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हरियाणा: 96 घंटे में सड़कें ठीक न करने पर ठेकेदारों को ढाई करोड़ रुपये जुर्माना देना पड़ा, एक लाख से अधिक शिकायतें हरपथ पर आईं

Tue, 15 Mar 2022 12:15 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पानीपत जिले की समालखा नगर पालिका की सीमा विस्तार का मामला प्रदेश सरकार के पास विचाराधीन है। पट्टीकल्याणा, पावटी, किवाना और मनाना गांवों को नगर पालिका, समालखा की सीमा में सम्मिलित करने का प्रस्ताव है।
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मनोहर लाल और दुष्यंत चौटाला - फोटो : पीटीआई (फाइल फोटो)
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विस्तार
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हरियाणा में हरपथ एप पर सड़कों की खस्ताहाल को लेकर आईं शिकायतें 96 घंटे में ठीक न होने पर ठेकेदारों को ढाई करोड़ रुपये जुर्माना लगा है। तय समय में समस्या का समाधान न होने पर शिकायतकर्ताओं को प्रति शिकायत 100-100 रुपये मिलने थे, जिससे वे वंचित रह गए। चूंकि, एप में भुगतान का प्रावधान ही नहीं है। सवा चार साल में एप पर सड़कों को लेकर एक लाख से अधिक शिकायतें आई हैं।

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कांग्रेस विधायक वरुण चौधरी के अतारांकित सवाल के जवाब में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने सदन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शुरू में हरपथ एप को लेकर दिक्कतें आईं और फरवरी 2020 से कोरोना महामारी ने दस्तक दे दी। इससे कामकाज बाधित हुआ। 17 जून 2020 से आज तक 22748 शिकायतें ठेकेदारों को भेजी गईं, जिनमें से 8581 का 96 घंटे के भीतर समाधान हुआ। 

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 2020-21 के बजट में शिकायत निवारण में देरी पर शिकायतकर्ताओं को 100 रुपये देने की घोषणा की थी, जिसे एप में तकनीकी दिक्कत के कारण लागू नहीं किया जा सका। ठेकेदार पर 2.56 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। लोक निर्माण विभाग हरपथ एप में शिकायतकर्ताओं को 100-100 रुपये के भुगतान की व्यवस्था जल्द करेगा।

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उन्होंने बताया कि 15 सितंबर 2017 से 10 मार्च 2022 तक 1 लाख 7 हजार 203 शिकायतें सड़कों की स्थिति को लेकर आईं हैं। 2017 में 3616, 2018 में 33581, 2019 में 14271, 2020 में 34872 व 2021 में 20863 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनके निवारण कराने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।  

समालखा नगर पालिका की सीमा विस्तार का मामला विचाराधीन
पानीपत जिले की समालखा नगर पालिका की सीमा विस्तार का मामला प्रदेश सरकार के पास विचाराधीन है। पट्टीकल्याणा, पावटी, किवाना और मनाना गांवों को नगर पालिका, समालखा की सीमा में सम्मिलित करने का प्रस्ताव है। इसके लिए उपायुक्त पानीपत और अन्य संबंधित अधिकारियों से निरंतर बैठकें की जा रही हैं। उपायुक्त की रिपोर्ट मुख्यालय पहुंचने पर जल्द की इनके विकास का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने बजट सत्र के दौरान विधायक धर्म सिंह छौक्कर के सवाल पर जवाब दे रहे थे। वहीं, नगर निगम रोहतक में कान्हेली रोड पर स्थित डेयरी कॉम्प्लेक्स में सड़क, नाली, सीवरेज सिस्टम और पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के संबंध में भारत भूषण बत्तरा के सवाल पर डॉ. कमल गुप्ता ने बताया कि नगर निगम रोहतक के डेयरी कॉम्प्लेक्स में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए 4.5 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के कार्य आवंटित किए गए हैं, जिन पर कार्य चल रहा है। डेयरी परिसर में 251 भूखंड आवंटित किए गए हैं, जिनमें से 82 डेयरी मालिकों को स्थानांतरित कर दिया गया है। शेष डेयरी मालिकों को शीघ्र ही स्थानांतरित किए जाने की संभावना है।
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75 विधायकों की आठ तदर्थ समितियों ने बजट पर रिपोर्ट सौंपी 
हरियाणा के 75 विधायकों वाली 8 तदर्थ समितियों ने बजट पर सोमवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। एक-एक कर समितियों के चेयरमैन ने सदन पटल पर दस्तावेज रखे। विधानसभा ने बजट पारित कराने के लिए हरियाणा गठन के बाद पहली बार लोकसभा की तर्ज पर यह व्यवस्था शुरू की। बजट प्रावधानों पर समिति चेयरमैन व सदस्यों ने संबंधित विभागों के प्रशासनिक सचिवों से भी बातचीत की है।

कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद कहा कि तदर्थ समितियों के अधिकार व सीमाएं भी तय की जाएं। उन्हें मालूम होना चाहिए कि वे बजट प्रावधानों पर रिपोर्ट में क्या-क्या टिप्पणी कर सकते हैं। विधानसभा, राज्यपाल, मंत्री परिषद, सामान्य प्रशासन, गृह, स्वास्थ्य, न्याय प्रशासन व कारागार से संबंधित समिति में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला व आठ और विधायक शामिल रहे। उन्होंने भी अपनी राय दी है।

मुख्यमंत्री ने बजट को 15वें वित्त आयोग के मानदंडों के भीतर सीमित रखकर जहां अच्छे वित्तमंत्री होने का परिचय दिया है। वहीं संयुक्त राष्ट्र की ओर से 2030 तक के सतत विकास लक्ष्यों में से 17 लक्ष्यों की कल्याणकारी एवं विकास योजनाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। गरीबी उन्मूलन के लिए 4841.77 करोड़ रुपये, अच्छी सेहत एवं सुलभ जीवन के लिए 8047.54 करोड़ रुपये, गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए 18570.18 करोड़ रुपये, लिंग समानता 1884.54 करोड़ रुपये, शुद्ध जल एवं स्वच्छता के लिए 7500.08 करोड़ रुपये, किफायती एवं ग्रीन उर्जा के लिए 8853.65 करोड़ रुपये, प्रतिष्ठि कार्य एवं आर्थिक विकास के लिए 7224.56 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। 
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