जंतरी लेकर प्रदर्शन करते कर्मचारी।
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शिक्षा विभाग समेत विभिन्न सरकारी दफ्तरों में कांट्रैक्ट पर काम करने वाले मुलाजिम भी रेगुलर होने की मांग को लेकर संघर्ष की राह पर आ गए। मंगलवार उन्होंने सीएम हाउस जाने की तैयारी की थी। हालांकि इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान मुलाजिम अपने साथ जंत्री लेकर आए थे।
उन्होंने सीएम भगवंत मान से सवाल किया कि वह इस जंत्री को देखकर बताएं कि उन्हें कौन से मुहूर्त, दिन और समय पर पक्का किया जाएगा। मुलाजिमों ने कहा कि अब वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। अगर उनकी सुनवाई नहीं हुई तो आने वाले निकाय चुनाव में भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने सीएम के ओएसडी को अपना ज्ञापन सौंपा।
मुलाजिमों की दलील थी कि वह कई साल से शिक्षा विभाग में काम कर रहे हैं। करीब 1100 मुलाजिम हैं। तीन सरकारें बदल गई हैं लेकिन फिर भी उनकी सुनवाई नहीं हुई है। मुलाजिमों को पक्का करना तो दूर कुछ मुलाजिमों का तो वेतन तक कम कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि जब आम आदमी पार्टी सत्ता में आई थी तो दावा किया था कि मुलाजिमों की हर मांग पूरी की जाएगी लेकिन सरकार को आए हुए एक साल से अधिक समय हो गया है। फिर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है इसलिए उन्हें अब इस तरह संघर्ष की राह पर आना पड़ा है।
हम पीछे हटने वाले नहीं: आशीष जुलाहा
उन्होंने कहा कि मुलाजिमों को पक्के करने के जो दावे किए जाते हैं, वह सब खोखले हैं। सरकार बताए कि कौन से विभाग में कितने-कितने मुलाजिम पक्के किए हैं। मुलाजिम नेता आशीष जुलाहा ने बताया कि जालंधर लोकसभा उपचुनाव में उन्होंने कई बार सीएम से मुलाकात की। सीएम ने उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी मांगें पूरी की जाएंगी लेकिन अभी तक कोई रिजल्ट नहीं निकला है। अब निकाय चुनाव आने वाले हैं, ऐसे में हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। अब आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।