पटियाला में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे अध्यापकों का आंदोलन 33वें दिन भी जारी रहा। रोजाना की तरह आज भी अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए धरना दिया। इस मौके पर अध्यापकों ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ होने वाली मीटिंग रद होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और साथ ही उन्होंने पटियाला और अमृतसर समेत पंजाब भर में सात जगहों पर बुधवार को काली दिवाली मनाने का ऐलान किया।
प्रदेश कनवीनर सुखविंदर चाहल, प्रदेश को कनवीनर हरदीप सिंह टोडरपुर, दीदार सिंह मुदकी, गगन राणू ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से एसएसए/रमसा अध्यापकों को पूरे ग्रेड में पक्का करने की बजाय उनकी तनख्वाहों में 65 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक कटौती कर दी गई है। यह बहुत ही गलत फैसला है. जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। मौके पर अध्यापकों के साथ बदसलूकी करने के आरोप लगाते हुए शिक्षा सचिव को विभाग से हटाने की मांग की गई। साथ ही कहा कि मरणव्रत पर बैठे अध्यापकों की जान के साथ सरकार व प्रशासन के खिलाफ खिलवाड़ कर रही है। सरकार जल्द उनकी मांगें पूरा करे।