किसानों को पराली जलाने के लिए कानूनी तौर पर सख्त मनाही है, इसके बावजूद किसान पराली को आग लगा रहे हैं। आलम यह है कि बरनाला-बठिंडा नेशनल हाईवे पर गांव घुन्नस के पास एक किसान ने खेत में पराली को आग लगाई गई, जिससे उड़ते धुएं की फोटोज सेटेलाइट में कैद नहीं हुई। घटना रविवार की है। इसके बाद सैटेलाइट आपरेटरों एवं कृषि विभाग पर सवालिया निशान उठने लगें हैं।
गौरतलब हो कि रविवार को घुन्नस-खुड्डीकलां गांवों के रास्ते में पड़ते खेत में एक किसान द्वारा धान की फसल की शेष पराली को आग लगा दी गई। जिससे राष्ट्रीय राज मार्ग पर धुआं ही धुआं हो गया। जिससे तेज रफ्तार वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। पैदल चलने वाले राहगीरों और दो पहिया वाहन चालकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कृषि विभाग ने झाड़ा पल्ला
खेतीबाड़ी विभाग अधिकारी सर्वजीत सिंह का कहना है कि इस मामले के बारे में उनके पास कोई सूचना नहीं थी। सेटेलाइट पर जिस जगह से आग लगने की लोकेशन आती है, नोडल अफसरों द्वारा कार्रवाई सेटेलाइट की लोकेशन पर पहुंच की जाती है।
मामला ध्यान में है : डीसी
डिप्टी कमिश्नर धर्मपाल गुप्ता का कहना है कि पराली को जलाने की सूचना उनके ध्यान में है, पराली जलाने के मामले में सख्ती की जा रही है। आरोपी किसान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।