अमृतसर शहर में बिजली उपभोक्ताओं को बिजली जाने से पहले ही इसका मैसेज मिलेगा। इस मैसेज में बिजली जाने और दोबारा आने का समय दिया जाएगा। ताकि बिजली बंद होने की सूरत में लोग अपनी व्यवस्था कर सकें। यह बात कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ने सोमवार को पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के बार्डर जोन अमृतसर में शुरू किए गए पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत करते वक्त मीडिया से कही। इससे पहले इस प्रोजेक्ट का ट्रायल बटाला में किया जा चुका है।
कैबिनेट मंत्री ने यह शुरुआत बार्डर जोन के चीफ इंजीनियर के दफ्तर में कंप्यूटर पर क्लिक करके की। उन्होंने कहा कि इससे पहले बटाला शहर में पायलट प्रोजेक्ट का ट्रायल शुरू किया गया था, जहां इसका काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली। इसके बाद अमृतसर के एक हिस्से में पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई।
उन्होंने बताया कि अगले 15 दिनों में शहर के बाकी हिस्सों में भी इसकी शुरुआत कर दी जाएगी। उन्होंने पंजाब में बिजली विभाग की इमारतों को बहुत जल्द मरम्मत का काम शुरू करने की बात भी कही, ताकि कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी पेश नहीं आए। उन्होंने बताया कि इस पायलट प्रोजेक्ट में 14 सब-स्टेशनों से चलते लगभग 141 नंबर 11केवी फीडर शामिल किए गए हैं। जिसमें 2 लाख 27 हजार अलग-अलग वर्गों के उपभोक्ताओं को भी इस सेवा का सीधा लाभ मिलेगा।
इसके तहत लोगों को बिजली बंद होने से पूर्व संबंधित इलाके के उपभोक्ताओं को उनके मोबाइल फोन पर एसएमएस आ जाएगा, ताकि बिजली बंद होने पर उन्हें किसी तरह की मुश्किल पेश नहीं आए। इसके लिए उन्होंने पीएसपीसीएल की टीम को बधाई दी क्योंकि वे पिछले काफी समय से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही थी।
बिजली विभाग के मंत्री हरभजन सिंह ने कहा कि जिस तरह आम आदमी पार्टी की सरकार में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपना रही है। इसी तरह ही बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ भी जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। इस अवसर पर बार्डर जोन के चीफ इंजीनियर बाल कृष्ण, सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर (एसई) रामेश सारंगल, एसई जतिंदर सिंह, एसई राजीव पराशर, तरनतारन के एसई जीएस खैरा के अलावा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।