राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंडीगढ़ ने एक बड़ा आदेश दिया है। धोखाधड़ी के 28 मामलों में आरोपी बीसीएल होम्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर बलदेव चंद बंसल को गिरफ्तार कर बुड़ैल जेल भेज दिया। पिछले दो साल से बलदेव चंद भूमिगत था। चंडीगढ़ पुलिस बलदेव चंद बंसल को गिरफ्तार करने के लिए 6 बार विभिन्न ठिकानों पर रेड कर चुकी है। आखिरकार सोमवार को वह पुलिस के शिकंजे में आया। पेशी के बाद कोर्ट ने बुड़ैल जेल भेजने के आदेश दिए। मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी।
बीसीएल होम्स पर चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में कई लोगों के साथ प्रॉपर्टी बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप है। लोगों ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने बिना परमिशन लिए प्रोजेक्ट को शुरू किया और विज्ञापन देकर बेच भी दिया। इसके अलावा जिस संपत्ति पर इस प्रोजेक्ट को शुरू करना था, वह गिरवी भी रखी हुई थी। राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंडीगढ़ ने 14 सितंबर 2016 को एक ऑर्डर पास कर सभी शिकायतकर्ताओं को उनके रुपये लौटाने के आदेश जारी किए थे।
इसके साथ ही बीसीएल होम्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर बलदेव चंद बंसल को निजी तौर पर पेश होकर अपना पक्ष रखने को कहा था, लेकिन वह नहीं पेश हुआ, जिसके बाद 28 जुलाई 2017 को गैर-जमानती वारंट जारी किया गया। पुलिस ने 6 बार अलग-अलग ठिकानों पर रेड की, लेकिन बलदेव चंद बंसल को पकड़ पाने में असफल रही। इस बीच कुल 7 बार गैर-जमानती वारंट जारी किए गए, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
सोमवार को केस की सुनवाई नहीं होने के बावजूद महिला इंस्पेक्टर परमजीत कौर सेखों, हेड कांस्टेबल अशोक, हेड कांस्टेबल बलविंदर व हेड कांस्टेबल ओम प्रकाश बलदेव चंद बंसल को कंज्यूमर कोर्ट लेकर पहुंचे। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केस को प्रीपोन कर सुनवाई की और आरोपी को अगली सुनवाई तक बुड़ैल जेल भेज दिया। हालांकि, अदालत ने बलदेव चंद बंसल को आखिरी मौका देते हुए कहा कि वह चाहे तो सुनवाई से पहले सभी शिकायतकर्ताओं को उनके पैसे लौटा सकता है।