श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व का जश्न मनाने के लिए पावन नगरी सुल्तानपुर लोधी की नुहार बदलने लगी है। कई आर्किटेक्ट इस काम में जुटे हैं। कहीं गुरुद्वारा साहिब में एसी-नॉन एसी सराय बन रही हैं तो कहीं बाबा नानक के स्पर्श वाले स्थानों को पुरानी लुक दी जा रही है। वाहनों के लिए पार्किंग, जोड़ा घर, प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स के अलावा दर्शनीय ड्योढ़ी के गेट के पिलर का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
गुरुद्वारा श्री संत घाट में श्री मूलमंत्र स्थान को धार्मिकता के रंग में रंगने के लिए महापुरुषों की ओर से कारसेवा जारी है। गुरुद्वारा श्री हट साहिब और गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में कई प्रकार की इमारतें निर्माणाधीन हैं। निर्माण कार्य में जुटे महापुरुष समय पर इमारतें मुकम्मल होने का दावा कर रहे हैं। एसजीपीसी के अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल के नेतृत्व में गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में सराय, दो मंजिला लंगर हॉल, प्रशासनिक कॉम्पलेक्स, जोड़ा घर, दर्शनीय ड्योढ़ी के गेट के बड़े पिलर की कार सेवा की जा रही है।
गुरुद्वारा श्री संत घाट साहिब में श्री मूलमंत्र स्थान के निर्माण की कार सेवा विभिन्न महापुरुषों द्वारा की जा रही है। श्री गुरु नानक देव जी के पवित्र मोदीखाने के स्थान ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री हट साहिब में भी इमारतें निर्माणाधीन हैं। यहां पर कारसेवा संत बाबा कश्मीर सिंह भूरी वाले और बाबा सुखविंदर सिंह की देखरेख में चल रही है।