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रणनीति: सिद्धू के सिर पर प्रदेश अध्यक्ष का ताज रखने के बाद अब कैप्टन के सहारे पंजाब जीतने का सपना देख रही कांग्रेस

Sat, 24 Jul 2021 06:01 AM IST
ajay kumar प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

नवजोत सिंह सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपने के बाद कांग्रेस हाईकमान अब विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटना चाहता है। हाईकमान ने साफ कर दिया है कि पंजाब विधानसभा का चुनाव मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। ऐसे में कैप्टन और सिद्धू का मिलना बहुत जरूरी है। तभी तो प्रदेश में पार्टी की एकता का संदेश जाएगा। हाईकमान ने दोनों नेताओं को करीब लाने की पहली पहल शुक्रवार को की। प्रियंका गांधी के फोन करने पर कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू चार महीने बाद मिले।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू के सिर पर ताज सजाकर आलाकमान कैप्टन अमरिंदर सिंह से जीत का आश्वासन मांग रहा है। पंजाब प्रभारी हरीश रावत के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के लिए अभी भी कैप्टन उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जितने पहले थे। 

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सिद्धू प्रधानगी का ताज सिर पर सजा कर चल रहे हैं तो कैप्टन पंजाब के सरताज के तौर पर पंजाब की सत्ता में कायम हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिद्धू की ताजपोशी में रस्म अदायगी के तौर पर शिरकत मात्र की। दोनों नेताओं के दिल नहीं मिले, यह मंच पर ही साफ हो गया।

कैप्टन ने खुल कर मंच पर भले ही कुछ नहीं कहा लेकिन यह साफ कर दिया कि पंजाब की कमान हाथ में लेना कोई आसान काम नहीं है। नवजोत सिंह सिद्धू उन सब जिम्मेदारियों को कंधे पर लेना होगा जो अभी तक अमरिंदर सिंह अपने कंधे पर उठाए थे।
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यह पूरे राष्ट्र की सुरक्षा का विषय है, जिसे लेकर उन्हें पूरे देश की चिंता है। गुरुवार को प्रियंका गांधी के फोन के बाद शुक्रवार को सिदधू की ताजपोशी समारोह में कैप्टन आ तो गए लेकिन पहले सिद्धू को पंजाब भवन चाय के लिए बुलाया। ऐसे में उन्होंने आलाकमान का मान भी रखा और अपनी भी चलाई। 

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प्रियंका गांधी के फोन कैप्टन और सिद्धू दोनों को ही आए। जहां कैप्टन को यह कहा गया कि चंडीगढ़ में होने वाले ताजपोशी समारोह में कांग्रेस एक दिखनी चाहिए। जनता के बीच यह संदेश नहीं जाना चाहिए कि कांग्रेस दो गुटों में बंटी है, साथ ही सिद्धू को भी संयम बरतने की सलाह दी गई है।

कितनी दूर चलेंगे साथ-साथ
कैप्टन अमरिंदर सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पंजाब के मुद्दों को लेकर सर्वदलीय बैठक करने के लिए बयान दे चुके हैं। कैप्टन इस बैठक में सुखबीर बादल और अन्य सियासी दलों के नुमाइंदों को अपने साथ ले सकते हैं। ऐसे में सिद्धू कैप्टन की इस बात से सहमत होंगे या नहीं यह देखना होगा।

टिकट बंटवारे में किसकी चलेगी
राज्यों के चुनाव में टिकट बंटवारे में पार्टी प्रधान का अहम रोल होता है। पंजाब में टिकट वितरण में किसकी चलेगी यह भी देखना होगा। कैप्टन अपने कितने समर्थकों को टिकट दिलवा पाएंगे और सिद्धू के साथ लगे कितने लोगों को विधायकी का टिकट मिलेगा आगे की राजनीति इस पर निर्भर होगी।
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