पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। टिकटों को लेकर लगातार केंद्र और प्रदेश स्तर पर पदाधिकारी मंथन कर रहे हैं। टिकट बंटवारे पर पार्टी में काफी कुछ अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस बार कांग्रेस पार्टी लगभग 60 मौजूदा विधायकों को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। 17 ऐसे विधायक चिह्नित किए गए हैं, जिनकी टिकट पर संशय बना है। इनमें से अधिकतर विधायक पूर्व मुख्यमंत्री और पीएलसी के प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी बताए जा रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है।
कांग्रेस ने 2017 का पंजाब विधानसभा चुनाव पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में लड़ा था। इस चुनाव में कांग्रेस को 77 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। 117 सीटों के सूबे में 59 सीटों वाली पार्टी को सत्ता मिलती है। इसके बाद 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में 9 सीटों पर कांग्रेस को विजय मिली थी।
सूबे के बड़े पार्टी नेताओं का अजय माकन से मिलने का दौर रविवार को भी जारी रहेगा। सूची फाइनल कराने के लिए वह शाम को दिल्ली रवाना होंगे। अभी तक माकन सूबे के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओम प्रकाश सोनी, कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा, सुखबिंदर सरकारिया, अरुणा चौधरी और ओपी सोनी मुलाकात कर चुके हैं।
कैप्टन अमरिंदर सिंह के काफी करीबी माने जाने वाले कांग्रेस विधायक राणा सोढी धीरे-धीरे पार्टी से दूर हो रहे हैं। चुनाव समिति की दो दिन पहले हुई बैठक में भी वह नहीं पहुंचे। स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक से भी वह दूर रहे। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि वह जल्द ही पार्टी से किनारा कर भाजपा या पीएलसी में ज्वाइन कर सकते हैं। हालांकि अब तक उनकी ओर से इसकी कोई पुष्टि नहीं की गई है।