पंजाब के फाजिल्का जिले की एक अदालत ने 2015 के ड्रग्स मामले में कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा को शनिवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को दो दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच खैरा को जलालाबाद की अदालत में पेश किया गया।
विधायक खैरा को गुरुवार को उनके चंडीगढ़ स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया था। 2015 के ड्रग्स मामले में पुलिस उप महानिरीक्षक स्वपन शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम द्वारा की गई जांच के बाद पंजाब पुलिस ने ये कार्रवाई की था।
यह मामला मार्च 2015 में फाजिल्का के जलालाबाद में दर्ज किया गया था। कथित तौर पर खैरा के करीबी गुरदेव सिंह सहित नौ लोगों पर मामला दर्ज किया गया था और बाद में उन्हें नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया था।
पुलिस ने उनके पास से 2 किलो हेरोइन, 24 सोने के बिस्कुट, एक देशी पिस्तौल, एक .315 बोर की पिस्तौल और दो पाकिस्तानी सिम कार्ड बरामद किए थे। बाद में पुलिस जांच के दौरान खैरा का नाम सामने आया।
हालांकि, 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने अतिरिक्त आरोपी के रूप में तलब किए गए खैरा के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी। उन्हें 2015 के ड्रग्स मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 2021 में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किया गया था। 2022 में उन्हें जमानत मिल गई। फरवरी 2023 में शीर्ष अदालत ने ड्रग्स मामले में खैरा के खिलाफ समन आदेश को रद्द कर दिया।
विधायक सुखपाल खैरा डेढ़ घंटे बाद ही मुक्तसर जेल से नाभा जेल में रेफर
मुक्तसर। एनडीपीएस एक्ट केस में गिरफ्तार किए गए कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा को हाई स्कियोरिटी रीजन के चलते डेढ़ घंटे बाद ही मुक्तसर जेल से नाभा जेल रेफर कर दिया गया। बता दें कि विधायक सुखपाल सिंह खैरा को शनिवार को मुक्तसर की जेल में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रखने के लिए लाया गया था लेकिन यहां हाई सिक्योरिटी रीजन के चलते नाभा जेल में रेफर कर दिया गया।
जेल सुपरिटेंडेंट वरुण शर्मा ने बताया कि जलालाबाद पुलिस की ओर से एनडीपीएस एक्ट केस में गिरफ्तार किए गए कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा को मुक्तसर की जेल में 14 दिन की न्यायिक हिरासत के लिए लाया गया था। मगर हाई स्कियोरिटी रीजन के चलते एडीजीपी के आदेशों पर नाभा जेल में भेज दिया गया है। बता दें कि दो दिन पहले जलालाबाद पुलिस की ओर से विधायक खैरा को चंडीगढ़ निवास से सात-आठ साल पुराने एनडीपीएस एक्ट के केस में गिरफ्तार किया गया था।