नशा तस्करों के मददगारों पर कसेगा शिकंजा
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पंजाब में नशे के कारोबार को खत्म करने के प्रयास कर रही राज्य सरकार ने ऐसे मामलों में और सख्ती बरतने की योजना बनाई है। इस संबंध में शुक्रवार को राज्य के मुख्य सचिव अनुराग वर्मा ने पुलिस को निर्देश जारी किए कि नशा तस्करों के मददगारों पर शिकंजा कसें। उन्होंने पकड़े गए नशा तस्करों और कारोबारियों से पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर उन सभी लोगों को दबोचने के लिए कह दिया है, जिनके नशा तस्करों से संबंध रहे हैं या ये मददगार रहे हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने नशे की रोकथाम के लिए बनाई तालमेल कमेटी के सभी संबंधित पक्षों को परिणामोन्मुखी काम करने के निर्देश दिए।
नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर मैकेनिज्म की राज्यस्तरीय कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए वर्मा ने कहा कि पुलिस द्वारा नशों से संबंधित जितने केस पकड़े जाते हैं, उनकी कड़ियों पर काम करते हुए इससे जुड़े नशा तस्करों व मददगारों की शिनाख्त करके नकेल कसी जाए। राज्यस्तरीय बैठक में ऐसे मामलों की हर माह समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने नशों से जुड़े सरगनाओं की संपत्तियां जब्त करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश देते हुए, पंजाब पुलिस को ऐसे मामलों की पैरवी में तेजी लाने और संपत्तियां जब्त करने की प्रक्रिया संबंधी ट्रेनिंग देने के लिए पंजाब पुलिस अकादमी फिल्लौर में पुलिस को विशेष सत्र के जरिये ट्रेंड करने को कहा है।
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मुख्य सचिव ने पुलिस को नशे की व्यापारिक मात्रा के मामलों की ट्रायल प्रक्रिया तेज करने के साथ-साथ इसके लिए विशेष अदालतें स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। उन्होंने पुलिस को यह भी निर्देश दिए कि नशे से पीड़ित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उन्हें जेल भेजने के बजाय नशा छुड़ाओ केंद्रों में भेजा जाए ताकि उन्हें भी मुख्यधारा में वापस आने का मौका मिल सके।
मुख्य सचिव ने सेहत विभाग को नशीले दवाओं की बिक्री करने वाले केमिस्टों पर सख्ती करने के आदेश देते हुए कहा कि सेहत विभाग निरंतर चेकिंग करे और यदि कोई केमिस्ट नशा बेचता पकड़ा जाता है तो उसका लाइसेंस रद्द किया जाए। इसके अलावा सेहत विभाग एक एप बनाकर सभी को एक मंच पर लाए, ताकि ऑनलाइन स्टाॅक चेक किया जा सके। उन्होंने नशे के कारण होने वाली मौतों के मामलों में सेहत एवं पुलिस विभाग को अलग-अलग केस की तह तक जाकर मौत के कारणों का पता लगाने और दोषियों को सजा दिलाने के काम में तेजी लाने को कहा। उन्होंने जिला स्तर पर हर माह बैठक करके डिप्टी कमिश्नर, एसएसपी और सिविल सर्जनों को समीक्षा करने को कहा, वहीं राज्य स्तर ऐसी बैठक प्रत्येक तीन महीने पर करने को कहा।
ओवरडोज से जान बचाने वाली दवाओं की बनाएं सूची
मुख्य सचिव ने सेहत विभाग से कहा है कि नशे के आदी लोगों की ओवरडोज से होने वाली मौतें रोकने में कौन सी दवाएं कारगर हो सकती हैं, उनकी सूची बनाने के लिए विशेषज्ञ कमेटी बनाई जाए। उन्होंने निदेशक फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी को काम में तेजी लाने को कहा ताकि नशे के अपराधों में शामिल दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके।