उल्लेखनीय है कि यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजा वड़िंग कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार में मंत्री पद के चाहवान विधायकों की कतार में लंबे समय से सबसे आगे रहे हैं। तीन साल में सीएम द्वारा मंत्रिमंडल में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। हालांकि माइनिंग के आरोपों में घिरे बिजली मंत्री राणा गुरजीत सिंह के इस्तीफे के बाद भी उन्होंने काफी समय तक यह पद अपने पास ही रखा।
इसके बाद नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद यह खाली पद भी अब तक नहीं भरा गया है। मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल तो किया लेकिन किसी नए चेहरे को जगह नहीं दी। दूसरी ओर, नवजोत सिद्धू के बारे में राजा वड़िंग के बयान ने यह संकेत दिया है कि उन्होंने कैप्टन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है क्योंकि कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच मतभेद जगजाहिर हैं। ऐसे में सिद्धू को उपमुख्यमंत्री पद पर कैप्टन की सहमति मुश्किल है।