अगर आतंकियों ने पंजाब को दोबारा से अपना निशाना बनाया, तो राज्य इस आतंकी हमले से निपटने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है। यह कहना है प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह का।
उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर आतंकियों ने पंजाब को दोबारा से अपना निशाना बनाया, तो राज्य इस आतंकी हमले से निपटने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है। साथ ही कहा कि पंजाब के पाकिस्तान के साथ लगते बार्डर की सुरक्षा कड़े किए जाने की जरूरत है।
एक बयान में कैप्टन ने कहा कि पंजाब के दीनानगर और अब पठानकोट में हुए आतंकी हमले को लेकर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उनके बेटे डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल का रिस्पांस बेहद निराशाजनक रहा है। इन दोनों ने इस तरह से व्यवहार किया है, जैसे वह किसी और देश से आए हैं।
कैप्टन ने कहा कि क्योंकि आतंकी हमला पठानकोट में इंडियन एयरफोर्स बेस में हुआ, यह सोच कर प्रदेश की अकाली-भाजपा सरकार इस आतंकी हमले से अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं छुड़ा सकती है। जो भी हुआ हमला पंजाब की मिट्टी पर हुआ और यह पिछले छह महीनों में दूसरा आतंकी हमला था।
साथ ही कैप्टन ने मांग की कि गुरदासपुर का एसपी जिसे पहले आतंकियों ने अगवा किया और फिर बिना कोई नुकसान पहुंचाए रिहा कर दिया। इसकी सही तरीके से जांच होनी चाहिए।
कैप्टन ने आशंका जताई कि अगर पंजाब में फिर से आतंकी हमला हुआ, तो अकाली सरकार इससे निपटने के लिए तैयार नहीं है। पंजाब में पिछले छह महीनों में हुए इन दो आतंकी हमलों से भी बादल सबक नहीं सीखे हैं।