कमेटी पंजाब कांग्रेस के नाराज विधायकों और मंत्रियों से एक-एक कर मुलाकात करेगी। कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ के साथ भी अलग से बैठक की जाएगी। वहीं, नाराज खेमा साबित करना चाहता है कि वह पार्टी के बगावती नेता नहीं हैं, बल्कि अहम मुद्दों पर अपनी बात रखने की स्वतंत्रता चाहते हैं। इसके अलावा अपनी सरकार के कामकाज पर नजर रखना चाहते हैं ताकि आगामी चुनाव में पार्टी मजबूती से आगे बढ़ सके।
पंजाब से किसी नेता को नहीं बुलाया
पार्टी के भीतर उपजे विवाद को जल्द हल कर जनता से किए वादों पर ध्यान देना जरूरी है। चुनाव अब काफी नजदीक हैं और जनता को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। नई दिल्ली में चल रही बैठक में पंजाब से किसी नेता को नहीं बुलाया गया है। कमेटी के सदस्य कब पंजाब आएंगे, ऐसी भी कोई जानकारी नहीं है। - मदनलाल जलालपुर।
मसले को जल्द ही सुलझा लेंगे
सभी बड़ी पार्टियों में आपसी मतभेद चलते रहते हैं। कोई ऐसी समस्या नहीं है, जिसका हल न हो। लोकतंत्र की यह सबसे बड़ी खूबी है कि बैठो, बात करो और फैसले ले लो। पार्टी का भी कोई बड़ा मसला नहीं है और इसे जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। कमेटी ने तय किया है कि राज्य के सभी विधायकों को दिल्ली बुलाकर उनके विचार जानेगी। राज्य का अन्य कोई नेता भी अपने विचार कमेटी के सामने रख सकता है। - जेपी अग्रवाल, कमेटी सदस्य।
पार्टी को व्यवस्थित करके ही चुनाव में उतरेंगे
पार्टी ने सीनियर नेताओं की कमेटी बना दी है। कमेटी जल्द समाधान निकालेगी। इतना तय है कि पार्टी को व्यवस्थित करके चुनाव में उतरेंगे। पंजाब में हमारी सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है और बहुत अच्छा काम कर रही है। हमें अच्छे नतीजों की पूरी उम्मीद है।- हरीश रावत, कांग्रेस के पंजाब मामलों के प्रभारी।