आलाकमान की ओर से गठित फैक्ट फाइडिंग कमेटी के सदस्यों ने शनिवार को ऑनलाइन मीटिंग के जरिये विधानसभा चुनाव हारे 50 से ज्यादा उम्मीदवारों से वन टू वन बात की। बातचीत में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने ईवीएम के रोल से साफ इंकार किया। उम्मीदवारों ने दो-टूक कहा, हार के लिए ईवीएम को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते।
कांग्रेस ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में हार के कारणों को तलाशना शुरू कर दिया है। आलाकमान की ओर से गठित फैक्ट फाइडिंग कमेटी के सदस्यों ने शनिवार को ऑनलाइन मीटिंग के जरिये विधानसभा चुनाव हारे 50 से ज्यादा उम्मीदवारों से वन टू वन बात की। बातचीत में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने ईवीएम के रोल से साफ इंकार किया। उम्मीदवारों ने दो-टूक कहा, हार के लिए ईवीएम को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते।
विज्ञापन
कांग्रेस की हार के पीछे पार्टी के अपने नेता ही जिम्मेदार रहे। उम्मीदवारों ने हार का मुख्य कारण गुटबाजी, भितरघात और मिस मैनेजमेंट को बताया है। उम्मीदवारों ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी को बताया कि वरिष्ठ नेताओं के बीच तालमेल नहीं था। कई उम्मीदवारों ने सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा की नाराजगी को भी हार की वजह बताया।
बागी नेताओं को मनाने के नहीं हुए प्रयास
दो सदस्यीय कमेटी में छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल व राजस्थान के वरिष्ठ विधायक हरीश चौधरी हैं। बैठक के दौरान सभी उम्मीदवारों से कमेटी की ओर से चार सवाल पूछे गए। इनमें चुनाव हारने की वजह, वरिष्ठ नेताओं के दौरों के साथ स्टार प्रचारकों के रैलियों व ईवीएम को लेकर सवाल पूछा गया। बातचीत में नेताओं ने कहा टिकट नहीं मिलने से बागी हुए नेताओं को मनाने के लिए गंभीरता से प्रयास नहीं हुए। कई सीटों पर कांग्रेस केवल अपने ही बागियों की वजह से चुनाव हारी।
विज्ञापन
नेताओं के बीच तालमेल नहीं
उम्मीदवारों ने बताया कि वरिष्ठ नेताओं के बीच आपसी तालमेल नहीं था। कुछ ने कहा-अगर कुमारी सैलजा को उकलाना से चुनाव लड़वाया जाता तो चुनाव नतीजे कुछ और होते। कुछ ने कहा, जाट वोट के ध्रुवीकरण की वजह से भी नुकसान हुआ। कई उम्मीदवारों ने कहा कि स्टार प्रचारकों के दौरों को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से पूर्व में किसी तरह की सूचना नहीं दी गई।