कांग्रेस हाईकमान ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू को करारा झटका दिया है। सोमवार को विधानसभा चुनाव संबंधी विभिन्न कमेटियों की कमान दिग्गजों को सौंपने के बाद हाईकमान ने अब सिद्धू द्वारा तैयार 22 जिला प्रधानों की सूची की अनदेखी कर 22 जिला समन्वयकों की नियुक्ति का एलान किया।
खास बात यह है कि इन समन्वयकों के चयन में सिद्धू की राय नहीं ली गई, जैसे कि सिद्धू ने जिला प्रधानों की सूची बनाते हुए प्रदेश के किसी सीनियर नेता से विचार विमर्श नहीं किया था। पंजाब मामलों के प्रधान हरीश चौधरी ने मंगलवार को 22 जिला समन्वयकों की सूची जारी कर दी। इन सभी समन्वयकों को तुरंत प्रभाव से चुनाव प्रक्रिया में जुट जाने के निर्देश पार्टी की तरफ से दे दिए गए हैं।
इन्हें प्रदेश के सीनियर नेताओं और संबंधित जिलों के कांग्रेस विेधायकों से भी तालमेल बनाने को कहा गया है, ताकि चुनाव प्रचार के समय स्थानीय मुद्दों की अनदेखी न हो सके। इस बीच पार्टी सूत्रों के अनुसार हाईकमान की ओर से सिद्धू के फैसलों को दरकिनार करने का सिलसिला हाल ही में पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ की राहुल गांधी से मुलाकात के बाद शुरू हुआ है। जाखड़ ने राहुल को साफ कह दिया था कि सिद्धू की कार्यप्रणाली के कारण संगठन के नेताओं और विधायकों में रोष बढ़ रहा है।
पंजाब में कांग्रेस के 22 जिला समन्वयकों की सूची
मनोज पठानिया (पठानकोट), विजय इंद्र करन (गुरदासपुर), शांतनु चौहान (अमृतसर), सुमित शर्मा (होशियारपुर), गोविंद शर्मा (जालंधर शहरी), मनीष ठाकुर (जालंधर ग्रामीण), लक्ष्मण गोदारा (लुधियाना), शीशपाल खेरूवाला (बठिंडा), संजय ठाकुर (पटियाला), अनिल शर्मा (रूपनगर), सुधीर सुमन (फतेहगढ साहिब), सीता राम लांबा (बरनाला), इंतजार अली (मालेरकोटला), राजिंदर मंदू (संगरूर), अशोक कुलारिया (फरीदकोट), शीशपाल खेरवाला (मानसा), सुशील पारिख (फाजिल्का), विजय चौहान (मोगा), अशोक कुमार खंडपा (फिरोजपुर), अमित यादव (श्री मुक्तसर साहिब), प्रतिभा रघुवंशी (मोहाली), नरेश कुमार (कपूरथला)।