पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से गर्मियों के अवकाश अचानक घोषित करने के निर्णय का छात्रों ने विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा है कि पीयू की ओर से यह एकतरफा निर्णय लिया गया है। छात्र नेताओं ने पहले ही पीयू से कह दिया था कि गर्मियों की छुट्टियों की आवश्यकता नहीं है। विद्यार्थियों को पढ़ाने की योजना बनाई जाए और समय से कोर्स करवाया जाए। छात्रों का आरोप है कि पीयू को छात्रों के भविष्य की चिंता की बजाय गर्मियों की छुट्टियों की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा है कि पीयू अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे। साथ ही यूजीसी की ओर से जारी छुट्टियों की तिथि को लागू किया जाए या घोषित की गई एक माह की छुट्टियों में से कटौती की जाए। छुट्टियां सभी ने कर ली हैं। इस समय देश के भविष्य यानी छात्रों की ओर ध्यान देने की जरूरत है। यूजीसी की ओर से कुछ दिनों पहले एग्जामिनेशन व एकेडमिक कैलेंडर बनाने के लिए कोहाड़ कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी में पीयू के वीसी प्रो. राजकुमार शामिल थे।
छात्रों का कहना है कि कमेटी ने गर्मियों की छुट्टियां एक जून से 30 जून तक घोषित करने की सिफारिश यूजीसी से की थी, लेकिन यूजीसी ने इन छुट्टियों पर कैंची चला दी। वह इसलिए कि छुट्टियां पहले ही बहुत हो गई। यूजीसी ने एक माह की जगह छुट्टियां 16 जून से 30 जून तक कीं यानी 15 दिन के अवकाश पर्याप्त बताए थे। हालांकि विश्वविद्यालयों को भी स्थितियों को देखते हुए अपने स्तर पर भी निर्णय लेने को कहा था। छात्रों का कहना है कि पीयू को तो कम से कम यूजीसी के नियमों का पालन करना चाहिए था, क्योंकि कमेटी में यहां के मेंबर भी शामिल थे।
क्या कहते हैं छात्र नेता
छात्रों को चिंता सता रही है कि पढ़ाई कैसे पूरी होगी। कक्षाएं लगाई जाएंगी या नहीं, लेकिन पीयू को चिंता छुट्टियों की है और यह छुट्टियां घोषित भी कर दीं जबकि ऑनलाइन कक्षाएं लगाकर कोर्स पूरा करवाया जाना चाहिए था ताकि छुट्टियां पड़ती भी तो छात्र तैयारी कर लेते।
- निखिल नरमेटा, अध्यक्ष एनएसयूआई पीयू
छुट्टियों के निर्णय पर विचार हो
गर्मियों के अवकाश का निर्णय एकतरफा है। इस पर विचार हो। समय से कोर्स पूरा करवाना चाहिए था। उन छात्रों को भी ऑनलाइन कक्षाओं के दायरे में लाना चाहिए था जो अभी दूर हैं। इसके लिए पीयू को योजना बनानी चाहिए थी।
- प्रिया शर्मा, कैंपस सचिव, एबीवीपी
छात्रों के हित के बारे में नहीं सोच रहा पीयू
जब पीयू के छात्रों ने व शिक्षकों ने घर बैठकर कई दिन की छुट्टियां काट ली हैं तो फिर छुट्टियों की जरूरत कहां पड़ी। छात्रों के बारे में पीयू ने सोचना बंद कर दिया है। उन्हें अपने हितों से मतलब है। इस समय ऑसनलाइन कक्षाओं के जरिये पीयू को सिलेबस पूरा करवाना चाहिए था।
- विजय कुमार, अध्यक्ष, आइसा
निर्णय पर पुनर्विचार करे पीयू
पीयू की ओर से यदि सभी विद्यार्थियों का सिलेबस पूरा करवा दिया जाता तो छुट्टियों की बात समझ में आती। क्योंकि उसके बाद छात्र भी छुट्टियों में पूरे सिलेबस की तैयारी घर बैठकर कर लेते, लेकिन अब यह निर्णय छात्रों के हित में नहीं है। इस पर पीयू पुनर्विचार करे।
- मनप्रीत सिंह माहल, ज्वाइंट सेक्रेटरी, पीयूसीएससी