प्रो. सिन्हा ने बताया कि बीटेक, बीआर्क तथा एमबीए के विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप की भी सुविधा होगी। जेईई में 30 हजार तक के रैंक वाले छात्रों की पांच सेमेस्टर की ट्यूशन फीस, 30 से 50 हजार तक के रैंक वाले छात्रों की चार सेमेस्टर और 50 हजार से एक लाख तक के बीच के रैंक वाले विद्यार्थियों के पहले तीन सेमेस्टर की ट्यूशन फीस माफ होगी। साथ ही बीआर्क में जेईई में 500 रैंक वाले छात्रों की पहले पांच सेमेस्टर, 500 से 1500 रैंक वाले छात्रों की पहले चार सेमेस्टर और 1500 से 3000 तक के रैंक वाले छात्रों की पहले तीन सेमेस्टर की ट्यूशन फीस माफ रहेगी।
इसी प्रकार एमबीए में मैट व सीमैट में 90 परसेंटाइल से ऊपर वाले विद्यार्थियों की पहले साल की पूरी ट्यूशन फीस तथा दूसरे साल की 50 फीसदी फीस माफ रहेगी। 85 से 90 परसेंटाइल वालों की पहले साल की तथा 80 से 85 परसेंटाइल वालों की पहले साल की 50 फीसदी ट्यूशन फीस माफ रहेगी।
विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को रोजगारपरक कोर्स कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इंटीग्रेटेड कोर्स की शुरुआत इसी वजह से की गई है ताकि वे एक साथ गुणवत्तापूर्ण स्नातक और परास्नातक की शिक्षा हासिल कर सकें। इसमें छात्रों की सहूलियत का भी ख्याल रखा गया है कि वे चाहें तो स्नातक के बाद अपनी डिग्री ले सकते हैं। इससे पांच साल तक बंधे रहने के विचार से भी मुक्ति मिलेगी। - प्रो. रवींद्र कुमार सिन्हा-वाइस चांसलर, एसएमवीडीयू