शहर से नामांकन पत्र दाखिल करने वाले उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच के दौरान हंगामा हो गया। भाजपा की उम्मीदवार किरण खेर की भाभी गुरइंदेश संधू उपायुक्त कार्यालय पहुंची और उनके द्वारा झूठा हलफनामा दिए जाने की शिकायत की। इस शिकायत की प्रति उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को भी भेजी है।
गुरइंदेश संधू अपनी शिकायत में लिखा है कि 1990 में उनकी शादी किरण खेर के भाई स्वर्गीय अमरदीप सिंह से हुई थी और उसी दिन से वह सेक्टर-8 के मकान नंबर-65 में रह रही है।
किरण ने अपने एफिडेविट में लिखा है कि वह सेक्टर-8 के मकान नंबर 65 की निवासी है जबकि उनका नाम मुबई की अंधेरी वेस्ट चुनाव क्षेत्र की वोटर सूची में है। खेर ने अपने अचल संपत्ति का ब्यौरा देते हुए कहा कि सेक्टर-17 के एससीओ-18 में 25 फीसदी उनका हिस्सा है।
इसी तरह से उन्होंने सेक्टर-8 के मकान में भी अपना हिस्सा होने का उल्लेख किया है। यह एचयूएफ (हिंदू अनडिवाइडिड फैमिली) प्रापर्टी है जिसका अभी तक पार्टिशन नहीं हुआ है। खेर ने गैर कानूनी ढंग से एचयूएफ प्रापर्टी का कुछ हिस्सा अपने नाम पर ट्रांसफर किया है जिसे उनके द्वारा अदालत में चुनौती दी गई है।
मामला अदालत में विचाराधीन है। इसका खेर ने एफिडेविट में उल्लेख नहीं किया है। गुरइंदेश संधू ने कहा कि इस कारण उनका नामांकन पत्र रद कर देना चाहिए। इसके साथ ही किरण पर कानूनी कार्रवाई भी होनी चाहिए।
जो भी जानकारी मैंने एफिडेविट में दी है, वह सही है। मैंने किसी तरह की कोई जानकारी नहीं छिपाई है। मैं एफिडेविट में दी गई जानकारी पर कायम हूं। जरूरत पड़ने पर मैं किसी व्यक्ति या अधिकारी को कानून के अनुसार इसका जवाब भी दूंगी।
- किरण खेर, भाजपा प्रत्याशी