मोहाली के गांव बाकरपुर में अधिगृहीत जमीन में अमरूदों के बगीचे दिखाकर करोड़ों रुपये हड़पे गए थे। ये घोटला लगभग 137 करोड़ रुपये का है। कुछ दिन पहले ईडी ने फिरोजपुर के डिप्टी कमिश्नर इस राजेश धीमन और पंजाब एक्साइज कमिश्नर वरुण के घर पर छापामारी कर इस घोटाले से जुड़े साक्ष्य और पूछताछ की थी।
137 करोड़ रुपये के अमरूद बाग घोटाले के मामले में मुख्य शिकायतकर्ता ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और पंजाब विजिलेंस की जांच प्रभावित होने की आशंका जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और मुख्य सचिव अनुराग वर्मा को पत्र लिखकर जांच प्रभावित होने से रोकने की मांग की है। यह पत्र पंजाब अगेंस्ट करप्शन ऑर्गेनाइजेशन के प्रधान सतनाम सिंह ने लिखा है।
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सतनाम सिंह ने कहा कि मामले की जांच में ईडी और विजिलेंस को कई आईएएस और विभागीय अफसरों के खिलाफ सबूत मिले हैं, जिसके चलते अब तक मामले में 22 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब इस मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि सच्चाई है यह है कि अब तक उन अफसरों और उनके रिश्तेदारों के नाम बाहर नहीं आए हैं, जिनके खातों से अफसरों और आगे इस घोटाले को अंजाम देने वालों को करोड़ों रुपये जारी किए गए।
सतनाम सिंह ने कहा कि उनकी टीम ने दिन-रात कोशिशें कर इस घोटाले से जुड़े साक्ष्यों को इकट्ठा किया है। यही कारण है कि आज हाईकोर्ट ने इस मामले में आरोपियों से घोटाले के पैसे जमा कराने को कहा है। अब भी कई अफसरों की भूमिका सामने नहीं आई है और उनका पर्दाफाश न हो इसके लिए अब उन्हें भी दबाया जा रहा है। पंजाब में कांग्रेस सरकार के समय में मोहाली में एयरपोर्ट के पास एक्वायर हुई जमीन में फर्जी तरीके से अमरूदों के बगीचे दिखाकर करोड़ों रुपये लोगों ने हासिल किए थे। इस मामले में दो आईएएस अधिकारियों की पत्नियों, प्रॉपर्टी डीलर और कई सरकारी अधिकारी आरोपी हैं।
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ईडी बैंक खातों की डिटेल खंगालने में जुटी
ईडी 137 करोड़ रुपये के अमरूद बाग घोटाले के मामले में पंजाब के दो आईएएस और कारोबारी के बैंक खातों की डिटेल खंगालने में जुटी है। सूत्रों के अनुसार आईएएस अफसरों और कारोबारी के बैंक खातों से लेन-देन हुआ है। ईडी इनकी डिटेल खंगाल कर आगे पूछताछ करेगी। दरअसल अमरूद बाग घोटाले में गमाडा कर ओर से जो जमीन अधिगृहीत की जानी थीं, उन पर फल व अन्य पेड़ लगाकर और ज्यादा पेड़ दिखाकर गौर कानूनी तरीके से मुआवजे की मोटी रकम वसूल की गई। कई आरोपियों तक मुआवजे व घोटाले के पैसे ऑनलाइन ट्रांजैक्शन भी हुए हैं। यहां तक कि कई लोगों को घोटाले के पैसे पहुंचाने के लिए फर्जी कंपनियों और उनके रिश्तेदारों के जरिये पैसे पहुंचाए गए हैं। ईडी इन सबकी जांच कर रही है।