एसिड अटैक पीड़ित को प्रशासन तीन लाख रुपये का मुआवजा देगा। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया गया है कि पीड़ित का इलाज निजी अस्पताल को भी वरियता के आधार पर निशुल्क करना होगा।
गवर्नमेंट अस्पताल के लिए भी यह नियम लागू होंगे। प्रशासन ने यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के बाद किया है। गाइडलाइंस में ऐसे सभी मामलों को गंभीरता से लेने की हिदायत दी गई है।
साथ ही मुआवजा राशि भी समय पर उपलब्ध करवानी होगी। वह भी बिना किसी गैरजरूरी औपचारिकताओं के। ऐसे मामलों में पीड़ित को तुरंत फर्स्ट एड मुहैया करवानी होगी।
उसके बाद नजदीक के स्पेशलिटी हॉस्पिटल में दाखिल करवाना होगा। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जो अस्पताल ऐसे मरीजों को इलाज करने से मना करें उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।