फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छात्र ने बीच में छोड़ दी कोचिंग, इंस्टीट्यूट ने रिफंड देने से कर दिया इंकार, कोर्ट ने लगाया जुर्माना

Fri, 08 Nov 2019 03:19 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
कोर्ट, कंज्यूमर फोरम - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन
कोचिंग छोड़ने के बाद छात्र को फीस रिफंड न करना फिटजी कोचिंग सेंटर को महंगा पड़ गया। उपभोक्ता फोरम ने कोचिंग सेंटर की उस दलील को भी खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि शिकायतकर्ता कोई उपभोक्ता नहीं है, क्योंकि शैक्षणिक संस्थान किसी भी प्रकार की सेवा प्रदान नहीं करता।
विज्ञापन


फोरम ने कोचिंग सेंटर को सेवा में कोताही का दोषी पाते हुए निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता ने जितनी कक्षाएं लगाईं हैं, उसकी फीस काटकर बाकी की रकम वापस करे। साथ ही मानसिक उत्पीड़न के लिए 10 हजार रुपये मुआवजा और 5 हजार रुपये मुकदमा खर्च भी अदा करे। आदेश की कॉपी मिलने के 30 दिन के अंदर इन आदेशों का पालन करना होगा, नहीं तो कोचिंग सेंटर को 10 हजार रुपये और मुआवजा देना पड़ेगा। ये आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 ने सुनवाई के दौरान जारी किए।

चंडीगढ़ के सेक्टर -38 वेस्ट में रहने वाले राकेश सिक्का ने अपने बेटे के नाम पर सेक्टर-35बी स्थित फिटजी कोचिंग सेंटर, नई दिल्ली स्थित फिटजी लिमिटेड और सेक्टर 37डी स्थित स्टेपिंग स्टोन सीनियर सेकेंडरी स्कूल के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत की। उन्होंने बताया कि विज्ञापन देख संस्था के टेस्ट में बैठा और पास होने के बाद दो वर्षीय प्रोग्राम में 23 मार्च 2018 को एक लाख 10 हजार 900 रुपये चेक के जरिए अदा कर दाखिला ले लिया। इसके अलावा एग्जामिनेशन और ट्यूशन फीस भी इंस्टॉलमेंट में जमा कर दिए।
विज्ञापन


11 अप्रैल 2018 को स्टेपिंग स्टोन स्कूल में क्लास शुरू हो गई। इसके लिए भी उन्होंने 20 हजार रुपये जमा कराए। तीन महीने तक कोचिंग के दौरान उनके बेटे को टीचर्स के पढ़ाने का तरीका पसंद नहीं आ रहा था। इसकी वजह से उसकी परफॉर्मेंस लगातार गिर रही थी। परेशान होकर आखिरकार 6 अगस्त को उन्होंने कोचिंग सेंटर से बेटे का नाम वापस ले लिया और रिफंड करने की मांग की। इस पर संस्था का कोई जवाब नहीं आया। उसके बाद ही शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम में केस किया।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें