चंडीगढ़। केंद्र सरकार के प्याज आयात में छूट की घोषणा से प्याज के जमाखोर घबरा गए हैं। घबराए जमाखोरों ने स्टॉक में रखे प्याज को रिलीज करना शुरू कर दिया है। इससे ट्राइसिटी की मंडियों में प्याज के रेट 25 फीसदी तक गिर गए हैं। एक हफ्ते पहले 70 रुपये पहुंचे प्याज के दाम बृहस्पतिवार को 50 से 52 रुपये आ गए। यह रेजिडेंट्स के लिए राहत की खबर है।
दीपावली के सात दिन बाद ट्राइसिटी में प्याज के दाम 70 रुपये तक पहुंच गए थे। थोक व्यापारी इसके पीछे का कारण पाकिस्तान सहित अन्य पड़ोसी देशों से प्याज का आयात नहीं होना बता रहे थे। प्याज के बढ़ते दामों पर अंकुश लगाने के लिए बुधवार शाम को केंद्र की भाजपा सरकार ने पाकिस्तान को छोड़कर ईरान, अफगानिस्तान सहित दो अन्य देशों से प्याज के आयात का फैसला लिया था।
केंद्र के इस निर्णय के बाद वीरवार को ट्राईसिटी की मंडियों में प्याज के जमाखोरों में हड़कंप मच गया और उनके द्वारा प्याज का स्टॉक रिलीज किए जाने के बाद ही दामों में 14 से 18 रुपये की कमी आ गई। सेक्टर 26 की मंडी में कुछ व्यापारियों ने बताया कि प्याज के रेट 100 रुपये तक पहुंचने की आशंका थी, लेकिन केंद्र के फैसले के बाद थोक व्यापारी घबरा गए और उन्होंने स्टॉक प्याज को रिलीज करना शुरू कर दिया। मार्केट में मांग के अनुरूप प्याज की पर्याप्त आमद के कारण दामों में कमी देखी गई।
अल्वर से भी पहुंचा प्याज
केंद्र के निर्णय के बाद ट्राईसिटी की मंडियों में पड़ोसी राज्यों से भी प्याज की आमद शुरू हो गई है। मार्केट कमेटी के अधिकारियों के अनुसार वीरवार को मंडियों में अल्वर राजस्थान से प्याज के आधा दर्जन ट्रक पहुंचे। उन्होंने बताया कि अब अन्य राज्यों से भी लोकल प्याज की आमद शुरू हो जाएगी।