सीएम मान ने कहा कि दिड़बा में 9 एकड़ जमीन में फैले बहुमंजिला तहसील कांप्लेक्स में एसडीएम दफ्तर, डीएसपी दफ्तर, तहसीलदार दफ्तर, फर्द केंद्र, तहसील दफ्तर, बीडीपीओ दफ्तर तथा अन्य इमारतें होंगी। यह कांप्लेक्स करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा और एक साल के भीतर इसका कार्य मुकम्मल हो जाएगा।
लोगों की सुविधा के लिए राज्यभर में ऐसे अत्याधुनिक तहसील कांप्लेक्स बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का पंजाब और यहां के किसानों प्रति रवैया उदासीन है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। केंद्र सरकार कानूनी अधिकार से वंचित रखकर पंजाब को बिना वजह परेशान कर रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पास पंजाब का ग्रामीण विकास फंड (आरडीएफ) का 3 हजार करोड़ रुपये अभी भी लंबित है। प्रदेश सरकार ने इस संबंधी सारी कागजी कार्रवाई पूरी कर दी थी लेकिन फिर भी केंद्र सरकार जानबूझकर आरडीएफ और जीएसटी का राज्य का हिस्सा रोके बैठी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही सरकारी स्कूलों में पढ़ रही छात्राओं के लिए बस सेवा शुरू करेगी। इस योजना का उद्देश्य छात्राओं को सरकारी स्कूलों में अपनी पढ़ाई पूरी करने की सुविधा प्रदान करना है और यह राज्यभर में लड़कियों के लिए सर्वोत्तम सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट सेवा यकीनी बनाने की तरफ एक अच्छा कदम है। इसके अलावा प्रदेश सरकार राज्य के गांवों को जोड़ने के लिए जल्द ही बस सेवा शुरू करेगी।
चन्नी की मान को चुनौती, दरबार साहब चलो कसम खाएं
मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने के कुछ ही क्षणों बाद चन्नी भी मैदान में आ गए। उन्होंने कहा कि जो भी आरोप भगवंत मान ने उन पर और उनके भांजे पर लगाए हैं, वह पूरी तरह झूठे हैं।
चन्नी ने कहा कि उन्होंने किसी खिलाड़ी को अपने भांजे के पास नहीं भेजा। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती दी- "मैं मान से कहना चाहता हूं कि चलो दरबार साहिब चलते हैं, वहां कसम उठाते हैं! यूं ही बिना सबूतों के आरोप लगाना पूरी तरह गलत है। हमने तो लोगों को नौकरियां दी हैं लेकिन अगर सीएम मान के पास हमारे खिलाफ कोई सबूत है तो पेश करें। यूं ही गलत प्रचार न करें।"