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SYL मामला: एक खबर में पढ़िए खट्टर-कैप्टन-बादल की सभी बड़ी बातें

Fri, 11 Nov 2016 09:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने साफ कर दिया है कि किसी भी कीमत पर किसी ओर को हम पंजाब का पानी नहीं देंगे, नहीं देंगे, नहीं देंगे। वीरवार को सतलुज-यमुना लिंक नहर के बारे में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद मुख्यमंत्री ने देर शाम कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता की और बैठक में 16 नवंबर को राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने का फैसला लिया गया।
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इसके साथ ही मुख्यमंत्री बादल शुक्रवार को राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें आग्रह करेंगे कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अमल न किया जाए। इसी मुद्दे पर बादल सरकार ने मोगा में 8 दिसंबर को पानी बचाओ पंजाब बचाओ मुहिम शुरू करते हुए महासम्मेलन आयोजित करने का फैसला भी लिया है।

कैबिनेट की बैठक के बाद प्रैस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि किसी भी कीमत पर पंजाब का एक बूंद पानी भी प्रदेश से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसवाईएल पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर एडवोकेट जनरल से राय मांगी गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब के पास इतना पानी नहीं है कि वह किसी और को दे सके। उन्होंने कहा- हमें पहले ही पानी कम पड़ रहा है। बादल ने कहा कि पंजाब का पानी अगर कोई बचा सकता है तो वह शिअद-भाजपा गठबंधन ही बचा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब हमेशा से देश के अन्न के भंडार भरता रहा है। ऐसे में पंजाब को बचाने के लिए उसका पानी बचाना जरूरी है।
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हमने इस्तीफा दिया तो बन जाएगी नहर: बादल

पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल - फोटो : अमर उजाला
एसवाईएल पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा संसद सदस्यता से और प्रदेश के कांग्रेस विधायकों द्वारा इस्तीफा दिए जाने को मुख्यमंत्री बादल ने सियासी ड्रामा करार दिया। ?उन्होंने कहा कि एसवाईएल की प्रशासनिक अनुमति ज्ञानी जैल सिंह ने दी थी और कैप्टन अमरिंदर सिंह एसवाईएल नहर के शिलान्यास के लिए खुद इंदिरा गांधी को लेकर आए थे। कांग्रेस और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को सीधे तौर पर दोषी करार देते हुए मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि पंजाब से पानी छीनने के फैसले के लिए यही दोनों पूरी तरह जिम्मेवार हैं। उन्होंने का कि पंजाब से पानी छीनने का फैसला इंदिरा गांधी ने किया था। उस फैसले के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह के निमंत्रण पर कांग्रेस ने पंजाब के पानी की लूट जारी रखने के उद्देश्य से एसवाईएल नहर बनाने के लिए कपूरी में चांदी की कस्सी से इंदिरा गंाधी से टक लगवाया था और उसके बाद में गर्व से स्वयं भी टक लगाया।

हमने इस्तीफा दिया तो बन जाएगी नहर : बादल
कैप्टन अमरिंदर द्वारा बादल सरकार से इस्तीफे की मांग किए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री बादल ने एसवाईएल पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तकनीकी पहलुओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर हमने इस्तीफा दे दिया तो प्रदेश में गवर्नर रूल लागू हो जाएगा। गर्वनर रूल लागू होने के बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार सरकार को एसवाईएल नहर खोदने का मौका मिल जाएगा।

'पंजाब में लागू किया जाए राष्ट्रपति शासन'

पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : फाइल फोटो
सतलुज यमुना लिंक नहर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पंजाब के खिलाफ आने पर पंजाब कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह और कांग्रेस के सभी विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। कैप्टन ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया है। जबकि, विधायक शुक्रवार सुबह विधानसभा स्पीकर को अपना त्याग पत्र सौंपेंगे।

अपने आवास पर वीरवार को प्रेसवार्ता के दौरान कैप्टन ने कहा कि फैसला पंजाब के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सीएम प्रकाश सिंह बादल आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानने से इंकार कर रहे हैं, लेकिन दस साल सत्ता में रहने पर उन्होंने कुछ नहीं किया। कांग्रेस अब जनता की अदालत में जाएगी और दो तिहाई बहुमत मांगेगी। ताकि सत्ता में आने पर पंजाब के हितों की रक्षा के लिए कानून बनाया जा सके।

पंजाब में लागू किया जाए राष्ट्रपति शासन
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब में हालात बिगाड़ने से रोकने के लिए तुरंत राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। उन्होंने आशंका जताई कि सीएम प्रकाश सिंह बादल अब अपने सियासी हितों के लिए राज्य के हालात बिगाड़ने की कोशिश करेंगे। सीमा पार से आतंकी हालातों का इस्तेमाल माहौल बिगाड़ने केलिए कर सकते हैं। ऐसे हालातों से बचने केलिए राज्य में तुरंत राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहिए।
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हरियाणा को मिलेगा उसका हक: खट्टर 

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
हरियाणा को मिलेगा उसका हक: खट्टर 
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने कहा कि पंजाब और राजस्थान रावी-ब्यास के पानी से अपने हिस्से का पानी पहले ही ले रहे हैं, परंतु इस फैसले के बाद हरियाणा को भी उसके हिस्से का 3.5 एमएएफ पानी मिलेगा। बादल सरकार के रुख पर खट्टर ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक प्रणाली है और फैसले को राजनीति से ऊपर उठकर अपनाना चाहिए।
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