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SYL मामला: पंजाब-हरियाणा की राजनीति में खलबली, पढ़िए बाकी पार्टियों की प्रतिक्रियाएं

Fri, 11 Nov 2016 09:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब-हरियाणा की राजनीति में खलबली
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इनेलो ने की मांग, बुलाया जाए विस का विशेष सत्र  
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एसवाईएल पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद हरियाणा में सियासी पारा चढ़ गया है। राजनीतिक दल मुखर हो गए हैं। अदालती फैसला आने के बाद वीरवार को हरियाणा के विभिन्न सियासी दलों के नेताओं ने त्वरित प्रतिक्रिया दी। 

भाजपा और कांग्रेस नेतृत्व स्पष्ट करे अपना स्टैंड : चौटाला 
हरियाणा में नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने कहा है कि एसवाईएल पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से हरियाणा को न्याय मिला है। कांग्रेस और भाजपा नेता इस मामले में दोहरी भाषा बोल रहे हैं। इनके राष्ट्रीय नेतृत्व को अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए। सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए, ताकि सभी दलों की स्थिति स्पष्ट हो सके।
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निर्माण पर अमल की जिम्मेदारी पीएम की : अरोड़ा
इनेलो प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा है कि एसवाईएल पर अदालत के निर्माण पर अमल की जिम्मेदारी पीएम नरेंद्र मोदी है। वह इसे पूरा कराएं। पंजाब के भाजपा नेताओं को अपने केंद्रीय नेतृत्व व सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हुए हरियाणा को जल्द उसके हिस्से का पानी देना चाहिए। यह हरियाणा के लोगों की जीत है।
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पानी लाने के लिए हर संघर्ष को तैयार : दुष्यंत  

सतलुज यमुना लिंक नहर - फोटो : फाइल फोटो
पानी लाने के लिए हर संघर्ष को तैयार : दुष्यंत  
इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि एसवाईएल का पानी हरियाणा लाने के लिए पार्टी हर संघर्ष को तैयार है। कांग्रेस को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि वह हरियाणा के लोगों के साथ है या नहीं। चूंकि पंजाब में उसके सांसद व विधायक फैसले के विरोध में इस्तीफे दे चुके हैं। भाजपा में पार्टी नेताओं की भी यही स्थिति है। इनेलो घर-घर जाकर दोनों दलों के नेताओं की पोल खोलेगी।

वर्षों बाद हरियाणा को मिला हक : विपुल
एसवाईएल पर अदालती फैसला आने के बाद हरियाणा के उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि वर्षों की लड़ाई के बाद हरियाणा को उसका हक मिला है। सभी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करना चाहिए। राज्य मिलकर कोर्ट के फैसले को लागू कराएं। यह दोनों रोज्यों की जिम्मेदारी बनती है। कोर्ट ने एसवाईएल पर पंजाब के पक्ष को असंवैधानिक करार दिया है। पंजाब में शिअद व कांग्रेस को पानी पर राजनीति बंद कर देनी चाहिए।
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