देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने का माहौल बनना शुरू हुआ है। मगर, इसके लिए अभी सांविधानिक संशोधन होने के अलावा सभी क्षेत्रीय व राष्ट्रीय दलों की सहमति जरूरी है। 2019 में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव संभव नहीं लगते। बावजूद इसके वे चुनावों के लिए तैयार हैं। उम्मीद है कि 2024 तक लोकसभा व विधानसभा चुनाव साथ कराने की सहमति बन जाए।
जातिवाद की नहीं करते राजनीति, सरकार के कार्यों से जाटलैंड में जीत
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि वह जातिवाद की राजनीति नहीं करते। आज भी वह हरियाणा एक-हरियाणवी एक, सबका साथ-सबका विकास के नारे पर कायम हैं। चुनावों में पंजाबियत पर दिए विज्ञापन से कोई लेना-देना नहीं। रोहतक में जीत सरकार के कामों व नीतियों की जीत है। इसका कोई और विश्लेषण न करें।
मेयर का सीधा चुनाव कोई रिस्क नहीं था, यह अन्य पद्धतियों से बेहतर है। जींद उपचुनाव फरवरी 2019 तक होने की उम्मीद है, उसे निर्वाचन आयोग को कराना है। ईवीएम में खामी पर सीएम ने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय निर्वाचन आयोग के समक्ष इसमें कोई खामी निकाल ही नहीं पाई। हार हो या जीत, ईवीएम को दोष देना उसका काम हो गया है।