ज्यादातर बच्चे सुबह ही पहुंच गए थे। लोक निर्माण विभाग के सभागार में बैठकर उन्हें आपस में बातचीत का मौका भी खूब मिला। सब इस बात के लिए उत्साहित दिख रहे थे कि मुख्यमंत्री के हाथों आज उनका सम्मान होगा। और जब मुख्यमंत्री ने कई बच्चों से बातचीत की तो उनकी खुशियां परवान चढ़ गईं।
उधर, मुख्यमंत्री बच्चों से बात कर रहे थे तो कई के माता-पिता मोबाइल से रिकॉर्डिंग कर, वीडियो बना इस मौके को संजो ले रहे थे। कई माता-पिता की तो आंखें तक भर आईं। मगर यह भावुकता खुशी की थी। बच्चों से सीएम का संवाद उनके जीवन की बड़ी उपलब्धि बन गई। सुबह रजिस्ट्रेशन से लेकर शाम को आयोजन के समापन तक सेल्फी, फोटो, वीडियो बनाने में माता-पिता का उत्साह भी देखने वाला था।
खुशी और भावुकता के इस पलों में आत्मविश्वास खूब झलक रहा था। सीएम मनोहर लाल से बातचीत करने में बच्चों में जरा भी हिचक नहीं नजर आई। सवाल-जवाब में भी ये मेधावी अव्वल दिखे। अलग-अलग जिलों से आये बच्चों और उनके अभिभावकों का अनुशासन भी देखने योग्य रहा।
शांति से बैठना, पंक्तिबद्ध रूप से आना-जाना और एक-दूसरे को कुर्सियों से लेकर खाने-पीने तक में मदद करने में भी बड़ों ने खूब बड़प्पन दिखाया। खास बात यह भी कि इनमें से कुछ शाम को अपने घर को लौट गए हैं तो बहुत से आज यहीं अमर उजाला के मेहमान हैं और कल चंडीगढ़ की सैर करेंगे।
अब भविष्य की चिंता भी
माता-पिता जहां एक तरफ बच्चों की कामयाबी पर खुश थे तो अब उन्हें बच्चों के उज्जवल भविष्य की भी चिंता सता रही है। एक अभिभावक ने कहा कि बेटा मेडिकल की पढ़ाई करना चाहता है। मगर इसमें खर्च बहुत है। इतनी बड़ी रकम इकट्ठा करना मेरे लिए बड़ा मुश्किल है। मगर बेटा होनहार है। इसलिए कुछ भी करके उसे मेडिकल की पढ़ाई करानी है। मगर समझ नहीं आ रहा है कि पैसा कहां से और कैसे जुटाऊं।
जोरदार आतिथ्य की तारीफ
बच्चे और उनके माता-पिता जब लोक निर्माण विभाग के सभागार में पहुंचे तो वहां उनका जोरदार आतिथ्य हुआ। इस स्वागत-सत्कार ने उनकी खुशियां बढ़ा दीं। दोपहर में लजीज भोजन और आइसक्रीम का लुत्फ उठाया। उनके बैठने और रुकने की बेहतरीन व्यवस्थाओं ने सभी को खूब संतुष्टि दी। बच्चों के माता-पिता का कहना था कि इस तरह के अच्छे इंतजाम से मन खुश हो गया। उन्होंने अमर उजाला को धन्यवाद कहा।
सीएम साहब का अंदाज बच्चों-अभिभावकों को खूब भाया
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने संबोधन के दौरान अचानक ही सभी मेधावियों को अपनी-अपनी जगह पर खड़े होने को कहा। फिर आगे बैठे लोगों को एक तरफ खड़े होने को कहा। बच्चों को आगे बुलाया और सबको व्यवस्थित रूप से खड़ा किया। फिर खुद उनके बीच में जाकर खड़े हो गए। फोटोग्राफरों को मंच पर भेज दिया और कहा कि अब खींचो फोटो। सीएम का यह तरीका बच्चों और अभिभावकों को खूब भाया। उन्होंने तालियों से स्वागत किया।