सेक्टर-1 स्थित रेड बिशप में शनिवार को विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में हरित निर्माण पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला-पर्यावरण संरक्षण व अनापत्ति की ओर बढ़ते कदम का उद्घाटन मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने किया।
इस दौरान सीएम ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभाग व एनजीओ के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति मनुष्य के प्रति बहुत ही दयालु रही है तभी उसने मनुष्य की सबसे बड़ी जरूरत हवा, पानी, पेड़, जंगल, पहाड़ मुफ्त में दिए हैं।
प्रकृति ने ही हमें ऐसे जीव दिए जो साफ-सफाई व स्वच्छता में भी मनुष्य का सहयोग करते है, इनमें सबसे प्रमुख गिद्ध हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2001 में गिद्धों की लुप्त होती प्रजाति को बचाने के लिए योजना तैयार की और गिद्धों के संरक्षण व संरक्षण पर जोर दिया। गिद्धों का भी
स्वच्छता अभियान में अहम योगदान है, क्योंकि वे मरे हुए पशुओं को खाकर वातावरण को स्वच्छ बनाने में सहयोगी हैं।
उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग, ओजॉन परत व बढ़ती कार्बन आक्साइड से पूरे विश्व में पर्यावरण को खतरा है। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सबसे अधिक योगदान पेड़ पौधों व वनस्पतियों का है। इनमें पीपल के पेड़ व तुलसी के पौधे हमें दिन रात आक्सीजन देते हैं। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हमें ट्रिपल आर पर कार्य करना होगा, जिसमें पहला रिसाइक्लिंग, दूसरा रियूज व तीसरा रिड्यूस शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्यावरण को स्वच्छ रखने की सोच के कारण ही देश में स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत की गई। उन्होंने कहा कि कई विकास कार्यों के लिए विभिन्न विभागों अनापत्ति प्रमाण पत्रों की आवश्यकता रहती है, लेकिन कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण इस पर बार-बार आपत्ति लगाई जाती है, लेकिन विभागों को इस अनापत्ति प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को सरल बनाना चाहिए तथा दूसरी बार की आपत्ति मान्य नहीं होनी चाहिए।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने पौधारोपण किया, पर्यावरण स्वीकृति के लिए ऑनलाइन वेब पोर्टल की शुरूआत की तथा एक मार्गदर्शन पुस्तिका का विमोचन भी किया। इस पुस्तक में हरियाणा राज्य में पर्यावरण और सामाजिक प्रबंधन हेतु नोडल, उपनोडल केंद्रों के सर्जन के लिए मार्गदर्शन से संबंधित जानकारी है।
इस मौके पर एसईआईएए हरियाणा के चेयरमैन भारत भूषण, विधायक ज्ञानचंद गुप्ता, ईएसी के चेयरमैन अनिल राजदान, पर्यावरण विभाग के महानिदेशक एसके गोयल, एचएसपीसीबी के चेयरमैन एवं प्रधान सचिव पर्यावरण विभाग एसएन राय, संयुक्त सचिव एमके सिंह, सर्च फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. धीरज केआर सिंह मौजूद थे।