सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी प्रकाश सिंह
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प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट पर प्रदेश सरकार के मंत्रियों और पार्टी नेताओं की बयानबाजी पर भाजपा हाईकमान सख्त हो गया है। हाईकमान की ओर से रिपोर्ट के संबंध में सार्वजनिक तौर पर किसी तरह की बयानबाजी नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
कहा गया है कि यदि किसी नेता को आपत्ति है तो वह सीएम अथवा प्रदेशाध्यक्ष से अपनी बात कह सकता है। इसी तरह जाट आरक्षण आंदोलन के संबंध में खुलेआम बयानबाजी नहीं करने की हिदायत दी गई है। आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से निपटाने में सभी को सहयोग करने को कहा गया है। जाट आरक्षण आंदोलन पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह लगातार जानकारी ले रहे हैं।
फरवरी माह में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा पर प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट के संबंध में प्रदेश सरकार के मंत्री और भाजपा नेता सवाल उठा रहे हैं और सार्वजनिक तौर पर बयानबाजी कर रहे हैं। इस कारण विपक्षी दल के नेताओं को खट्टर सरकार को घेरने का मौका मिल रहा है।
विपक्षी नेता खुलकर सरकार को घेर भी रहे हैं। भाजपा सूत्रों का कहना है कि इसे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने गंभीरता से लिया है और इस संबंध में सख्त दिशा निर्देश जारी किये हैं। सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट पर किसी तरह की सार्वजनिक बयानबाजी नहीं करने के लिए कहा है। कहा है कि यदि किसी को रिपोर्ट पर आपत्ति है तो वह मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष से बातचीत कर सकता है।
प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के साथ बातचीत करके यह भी कहा गया है कि वह पार्टी के नेताओं को जाट आरक्षण आंदोलन पर किसी तरह की गलत टिप्पणी करने से बचने के लिए कहें। पहले भी आंदोलन के दौरान जाट आरक्षण के विरोध में कई मंत्रियों ने खुलकर टिप्पणियां की थीं, जिसका विरोध भी किया गया था। इस तरह पूरे मामले में भाजपा हाईकमान नजर रखे है।