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सीएम ने साक्षी को सौंपा 2.5 करोड़ का चेक, 'बेटी बचाओ' की ब्रांड एंबेसडर बनीं

Thu, 25 Aug 2016 09:39 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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अढ़ाई करोड़ का चेक भी सीएम ने साक्षी मलिक को सौंपा। - फोटो : ani photo
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रियो ओलंपिक में देश को पहला मेडल दिलाने वाली पहलवान साक्षी मलिक सरकार की मुहिम बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की ब्रांड एंबेसडर होंगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ये घोषणा बहादुरगढ़ में साक्षी मलिक के सम्मान समारोह के दौरान की। इस दौरान सरकार की ओर से घोषित अढ़ाई करोड़ का चेक भी सीएम ने साक्षी मलिक को सौंपा। यहां भी देखिए: पहलवान बेटी का भव्य स्वागत, सीएम ने दिया सम्मान, ये तस्वीरें बनी 'साक्षी'
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बेटियों को कोख में नहीं मारने की अपील करेगी साक्षी
ब्रांड एंबेसडर बनने के बाद साक्षी अपना उदाहरण देकर लोगों से बेटियों को कोख में नहीं मारने की अपील करेगी। केवल प्रदेश सरकार ही नहीं, बल्कि केंद्र सरकार भी बेटियों को बचाने के लिए साक्षी का सहारा लेगी और इस पर जल्द ही निर्णय लिया जा सकता है। बेटियों से जुड़ी अन्य योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए भी साक्षी मलिक का सहारा लिया जा सकता है।

इस तरह की योजनाओं के प्रचार के लिए साक्षी मलिक के ओलंपिक में मेडल जीतने का वीडियो दिखाने के साथ ही उसके फोटो के साथ लिखे स्लोगन लिखकर जागरूक किया जाएगा। मलिक खुद भी अपने ओलंपिक तक पहुंचने और वहां पदक जीतने की पूरी कहानी बताकर सोच बदलने का प्रयास करेंगी। 
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सुकन्या समृद्धि योजना पर भी दिखेगी साक्षी की छाप

sakshi malik - फोटो : ani photo
सुकन्या समृद्धि योजना को बढ़ावा देने के लिए भी साक्षी का सहारा लिया जाना है, जिसको आखिरी रूप दे दिया गया है। उसमें कहा जाएगा कि एक बेटी ने ओलंपिक में पहला मेडल जीतकर देश का खाता खोला था। अब आप सब भी अपनी बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना का खाता खुलवाएं। 

साक्षी के तेजी से बढ़ रहे ट्वीटर फालोअर 
ओलंपिक में मेडल जीतने से पहले साक्षी मलिक के ट्वीटर पर फॉलोअर 500 भी पूरे नहीं थे। लेकिन मेडल जीतते ही उसके फॉलोअर की संख्या बड़ी तेजी से बढ़ रही है और पांच दिन में उनके फालोअर 38 हजार से ज्यादा पहुंच गए हैं। इस तरह साक्षी को सोशल साइट पर फालो करने की लोगों में होड़ मच गई है।
 

बेटी के स्वागत को तैयार मोखरा, वीवीआईपी होगी साक्षी

ओलंप‌िक में कांस्य पदक जीतकर स्वदेश लौटी साक्षी मल‌िक - फोटो : ani
ओलंपिक में मेडल जीतकर लौट रही अपनी बेटी का स्वागत करने के लिए मोखरा पूरी तरह से तैयार है। यहां साक्षी को वीवीआईपी की तरह लाया जाएगा और मुख्य मंच पर सबसे ऊंची कुर्सी पर बैठाया जाएगा। 

बहादुरगढ़ से साक्षी अपने ननिहाल इस्माईला पहुंचेगी। वहां लगभग दो घंटे का कार्यक्रम रखा गया है। यहां खाना खाने के बाद रोहतक के लिए रवाना होंगी। रोहतक से पहले ही खरावड़ में सम्मान किया जाएगा। रोहतक में राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर साक्षी को रिसीव करेंगे और इसके बाद शहर में विजय जुलूस निकाला जाएगा। कैनाल रेस्ट हाउस में प्रशासन की ओर से सम्मान होगा और वहां से विजय जुलूस के साथ साक्षी अपने पैतृक गांव मोखरा के लिए रवाना होंगी।

मोखरा के स्कूल के मैदान में होने वाले सम्मान समारोह में 50 हजार लोगों के आने की उम्मीद है और इसे देखते हुए यहां बड़ा टैंट लगाया गया है। सभी का मुंह मीठा करवाने के लिए लड्डू बांटे जाएंगे और व्यवस्था बनाने के लिए गांव के युवा और पहलवानों की ड्यूटी लगाई गई है। सम्मान समारोह की आयोजन समिति के सदस्य नवीन मलिक ने बताया टेंट में कूलर की व्यवस्था की गई है। स्थल पर तीन मंच होंगे और साक्षी मुख्य मंच की सबसे ऊंची कुर्सी पर बैठेगी।

यह साक्षी का विशेष सम्मान तो होगा ही साथ ही हर कोई आसानी से उसकी झलक पा सकेगा। समारोह स्थल से कुछ दूरी पर बस स्टैंड के पास पार्किंग बनाई गई है। स्थल के पास तक केवल साक्षी व वीवीआईपी वाहन ही जा सकेंगे और उनको भी बाद में वहां से हटा दिया जाएगा। 
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ननिहाल में सब्जी-पूरी तो अपने घर कढ़ी पकौड़ा खाएगी

Sakshi Malik - फोटो : amar ujala
साक्षी के पिता सुखबीर ने बताया कि पहलवान दिल्ली से रोहतक आते समय पहले इस्माइला गांव में अपनी ननिहाल में जाएगी। यहां उसका खाना होगा। इसके लिए हलवा, पूरी और आलू की सब्जी बनाई जाएगी। साक्षी की पसंद के अनुसार घर में कढ़ी पकौड़ा बनाया जाएगा। 

साक्षी के सहारे गांव की समस्याएं हो सकती हैं खत्म
साक्षी पर तोहफों की बरसात तो हो रही है, साथ में उसके पैतृक गांव मोखरा की हालत भी सुधरती दिख रही है। जिस गांव की समस्याओं के बारे में कभी अधिकारी सुनते भी नहीं थे, मंगलवार को खुद उस गांव में अधिकारी पहुंचे और तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों ने दो दिन पहले टूटी पड़ी सड़क के गड्ढे भरवाने शुरू कर दिए थे और अन्य समस्याओं का निस्तारण कराना भी शुरू कर दिया गया। 
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