पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान श्री गुरु तेग बहादुर सिंह जी के 400वें प्रकाश दिवस पर गुरुद्वारा श्री नाभा साहिब में अचानक माथा टेकने पहुंचे। उनके आने की सूचना पुलिस को चंद मिनट पहले ही लगी जिससे पुलिस प्रशासन में उनकी सुरक्षा को लेकर अफरा-तफरी मच गई। सीएम भगवंत मान का काफिला करीब 12 बजे गुरुद्वारा साहिब पहुंचा।
उन्होंने सुरक्षा के भारी बंदोबस्त में संगत के बीच गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका। गुरुद्वारा साहिब के मुख्य ग्रंथी दलेर सिंह व मैनेजर रणजीत सिंह ने उन्हें सिरोपा देकर सम्मानित किया। कुछ देर मान वहां बैठे और सिमरन किया। करीब आधा घंटा मान गुरुद्वारा साहिब में रुकने के बाद वहां से चले गए। इस दौरान उन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी।
10 मिनट के लिए सीएम मान गुरुद्वारा साहिब के मैनेजर रणजीत सिंह के कमरे में बैठे जहां उनका गुरुद्वारा साहिब में पहुंचने पर मुंह मीठा करवाया गया। इस दौरान सीएम सुरक्षा के अलावा डीसी अमित तलवार, एसएसपी विवेकशील सोनी, डेराबस्सी एसडीएम स्वाति टिवाणा, एसपी हेडर्क्वाटर, डीएसपी व डेराबस्सी सब डिवीजन थानों के एसएचओ मौजूद रहे। एसएसपी सोनी भी भगवंत मान के जाने से चंद मिनट पहले ही गुरुद्वारा साहिब पहुंचे।
‘प्रदेश में नाजुक समय में एकता कायम रखें लोग’
सीएम भगवंत मान ने इस मौके बेशक मीडिया से दूरी बनाकर रखी लेकिन उन्होंने गुरुद्वारा साहिब के मैनेजर रूम में बैठकर प्रबंधकों से कहा कि शरारती तत्व पंजाब का माहौल खराब करने के लिए अफवाहें फैला रहे हैं इसलिए अफवाहों से बचें और अमन-शांति का माहौल खराब न होने दें। इस नाजुक समय में एकता कायम रखने की सख्त जरूरत है इसलिए भाईचारे को कायम रखें। भगवंत मान जैसे ही गुरुद्वारा साहिब से माथा टेककर बाहर निकले। वहां मौजूद संगत उनके साथ सेल्फी लेने के लिए उतावली हो गई। उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिस मुलाजिमों ने जब संगत को रोका तो मान ने ऐसा न करने को कहा। उन्होंने संगत को बुलाकर उनके साथ सेल्फी खिंचवाई।