मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि चंडीगढ़ पंजाब का अहम हिस्सा था और हमेशा रहेगा। राज्यों के पुनर्गठन कानून के मुताबिक हर पैतृक राज्य का उसकी राजधानी पर अधिकार रहा है। मगर चंडीगढ़ को पंजाब को न सौंपकर सूबे के साथ धक्केशाही की गई थी। मुख्यमंत्री बादल ने मंगलवार को लंबी हलके में संगत दर्शन के दौरान लोगों की मुश्किलें सुनीं।
प्रेसवार्ता के दौरान सीएम ने कहा कि जब तक चंडीगढ़ पंजाब को नहीं मिल जाता तब तक यहां के राज्यपाल को ही चंडीगढ़ का मुख्य प्रशासक बना रहने देना चाहिए। आप पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अरविंद केजरीवाल हर फ्रंट पर फेल साबित हुए हैं।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने लोगों से किए वादों में से एक भी पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि सतलुज-यमुना लिंक नहर के मुद्दे पर दिल्ली सरकार की ओर से पंजाब विरोधी स्टैंड इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है। केजरीवाल से पंजाब और पंजाबियों के भले की आस करना बेकार है।
कांग्रेसियों को कोई लाभ नहीं मिलने वाला
CM Prakash Badal
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मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि कांग्रेसी नेताओं की ओर से सरकारी बसों से राज्य सरकार के पोस्टर फाड़ना यह जाहिर करता है कि कांग्रेसी बिल्कुल हताश हो चुके हैं। यही वजह है कि कांग्रेसी पूर्ण तौर पर लोकतंत्र के विपरीत ऐसा निंदनीय काम करते फिर रहे हैं। ऐसा कर कांग्रेसियों को कोई लाभ नहीं मिलने वाला।
कांग्रेस और आप पर टिप्पणी करते हुए सीएम ने कहा कि यह दोनों दल मिलकर पंजाब को मरुस्थल बनाने की साजिशें रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस ने सतलुज-यमुना लिंक नहर समझौता करने से लेकर इसकी खुदाई शुरू कराने तब पूरा साथ दिया। वहीं आम आदमी पार्टी भी इस काम को पूरा कराने की ताक में है। यह दोनों दल पंजाब विरोधी हैं।
लंबी हलके के गांव फतेहपुर मनियां, दियोणखेड़ा, तप्पाखेड़ा, माहूआणा, आधनियां, सहिणाखेड़ा में संगत दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में हुए विकास कार्य गिनवाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयास की बदौलत आज पंजाब की मालवा बेल्ट सेम के कोहड़ से तकरीबन मुक्त हो चुकी है। राज्य सरकार प्रदेश के लोगों की भलाई के लिए वचनबद्ध है। इस मौके पर प्रमुख सचिव केजेएस चीमा, डिप्टी कमिश्नर डॉ. सुमित जारंगल, एसएसपी गुरप्रीत सिंह गिल, पंजाब एग्रो के चेयरमैन जत्थेदार दयाल सिंह कोलियांवाली, शिअद के जिला कोआर्डिनेटर अवतार सिंह वनवाला, सहकारी बैंक के चेयरमैन तेजिंदर सिंह मिड्ढूखेड़ा और पनकोफैड के चेयरमैन कुलविंदर सिंह भाईकाकेरा मौजूद थे।