ट्रक यूनियनों का खात्मा किया गया, ताकि उद्योगों को सुरक्षित माहौल दिया जा सके। महिलाओं की सुरक्षा को कदम उठाए गए हैं ताकि वे नाइट शिफ्ट में काम कर सकें। रात को सुरक्षित घर पहुंचने के लिए कोई भी महिला पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन कर सकती है, उसे घर पहुंचाया जाएगा। 2017 में लाई गई उद्योग नीति ने पहले की कमजोरियां दूर की हैं।
कारोबार को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस, ऑनलाइन आवेदन व मंजूरियां, बिजली पर सब्सिडी, मुख्य कानूनों में संशोधन और जल नियमन जैसी सुविधाएं दी गई हैं। सीएम ने लोगों को खेती को इंडस्ट्री की तरफ लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री सेक्टर रोजगार मुहैया करा के नौजवानों को विदेश जाने से रोक सकता है। राज्य सरकार स्किल डेवलपमेंट को प्रोत्साहित कर रही है।
कोई भी पार्टी सत्ता में आए, उद्योग के लिए एक ही नीति लागू रहनी चाहिए
सीएम ने कहा कि यह जरूरी है कि विरोधियों के साथ राजनीतिक बदलाखोरी का रवैया न अपनाया जाए। यह भी यकीनी बनाया जाए कि कोई भी पार्टी सत्ता में आए तो उद्योग के लिए वही नीति लागू रहे। औद्योगिक विकास के लिए स्थिरता सबसे जरूरी है। वह उम्मीद करते हैं कि आने वाली सरकार इसी राह पर चलेगी।
पराली से प्रदूषण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इसका स्थायी हल ढूंढना चाहिए। एमएसपी पर सौ रुपये प्रति क्विंटल मुआवजा दिया जाना चाहिए। वह लंबे समय से फसली विभिन्नता पर भी जोर दे रहे हैं। अगर वैकल्पिक फसलों को फायदेमंद बनाया जाए तो किसान गेहूं-धान के फसली चक्र से निकल कर इसे अपना लेंगे। साठ के दशक में भी उन्होंने इसी तरह धान का उत्पादन शुरू किया था। ऐसा करना जरूरी है क्योंकि गेहूं-धान के अतिरिक्त उत्पादन से राज्य पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। एफसीआई भी समय पर अनाज नहीं उठाता।
केंद्र पर जीएसटी के 6000 करोड़ बकाया
सीएम ने कहा कि अन्य राज्यों की तरह पंजाब को भी जीएसटी का हिस्सा न मिलने पर आर्थिक समस्याओं से गुजरना पड़ रहा है। अगस्त 2019 से 6000 करोड़ बकाया हैं। जीएसटी से राजस्व के सारे साधन केंद्र के पास चले गए हैं जिससे राज्यों के लिए ऐसी स्थिति पैदा हो जाती है। कैंसर और नशों को लेकर निवेशकों की चिंता पर सीएम ने कहा कि 32,000 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
नशे के कारोबार में पैसा होने के कारण यह समस्या मिटेगी नहीं, पर इसे काबू किया गया है। आंकड़ों के मुताबिक राज्य में कैंसर के मामले दूसरे राज्यों से कम हैं। बीकानेर को जाती कैंसर ट्रेन के कारण पंजाब के केस व्यापक रूप में सामने आए। लेकिन अब सरकार इलाज मुहैया करवा रही है। सेशन का संचालन एनडीटीवी के को-चेयरपर्सन प्रणय रॉय ने किया। जिन्होंने कई बार सीएम से पंजाबी में भी बोलने को कहा।