फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शास्त्रीय गायिका गंधर्व वर्मा का निधन, कोरोना और ब्लैक फंगस की हो गई थीं शिकार

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। शहर की रहने वाली शास्त्रीय गायिका गंधर्व वर्मा का बुधवार को निधन हो गया। पंजाब घराने के एक अनुभवी एवं सधी गायिका 65 वर्ष की थीं और केंद्रीय विद्यालय जीरकपुर में म्यूजिक की टीचर के पद से रिटायर हुई थीं। गंधर्व वर्मा के छोटे पुत्र आविर्भाव वर्मा ने बताया कि उनकी मां को पिछले महीने कोरोना हो गया था और वह उसे उभरने के बाद घर आ गई थी। इसके बाद उन्हें ब्लैक फंगस हो गया था। मोहाली के प्राइवेट अस्पताल में पहले दाई आंख की सर्जरी कराई गई। कुछ दिन बाद सर्जरी हुई आंख से दिखना बंद हो गया। पिछले हफ्ते बायीं आंख में कुछ समस्या को देखते हुए सर्जरी करवा दी गई। आविर्भाव वर्मा ने बताया कि इस सर्जरी के बाद मां के शरीर के अंगों ने धीरे-धीरे काम करना बंद कर दिया और उनका निधन हो गया।
विज्ञापन

पंजाब घराने से ताल्लुक
गंधर्व वर्मा पंजाब के प्रख्यात संगीत आचार्य पंडित लक्षमण सिंह की सुपुत्री होने के साथ ही वह जाने माने तबला वादक रहे स्वर्गीय पवन कुमार की पत्नी थीं। उनके बड़े पुत्र स्वरित वर्मा भी एक तबला वादक हैं। उनके छोटे सुपुत्र आविर्भाव वर्मा एक प्रतिभावान तबला वादक हैं।
बेहतरीन कलाकार थीं
गंधर्व वर्मा को संगीत और पेंटिंग दोनों केसाथ गहरा लगाव था। वर्ष 2015 में केवीएस क्षेत्रीय स्तर की प्रोत्साहन पुरस्कार विजेता रही॥ जालंधर दूर दर्शन और रेडियो की एक गायिका रही। टीचिंग के साथ थिएटर में भी गहरी रुचि थीं। उन्होंने देश ही नहीं विदेशों में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर कला प्रेमियों का मनोरंजन किया। उनकी एक पेंटिंग मानव संसाधन विकास मंत्रालय, नई दिल्ली की दीवार की शोभा भी बढ़ा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें