उनके साथ आए कुछ लोग पहले से ही तलवंडी पुल पर धरना लगाकर बैठे हुए थे। वहां पहुंचने पर वह शव लेकर जा रहे थे कि अचानक वहां मौजूद एएसआई रणजीत शर्मा पर प्रदर्शनकारी महिलाएं भड़क उठीं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि एएसआई ने उन्हें गालियां दीं। इतना कहते ही प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए।
एएसआई ने मौके से भागकर जान बचाई। महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने भी उन पर पथराव किया। इसमें अनीता रानी पत्नी प्रीतम सिंह चीमा निवासी रूलर बस्ती चंडीगढ़ जख्मी हो गईं। एसएचओ सरबजीत सिंह ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए एएसआई के खिलाफ कार्रवाई का विश्वास दिलाया। इसपर प्रदर्शनकारी शांत हुए।
एएसआई रणजीत शर्मा ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि वह ट्रैफिक सुचारू करवा रहे थे कि अचानक महिलाएं उन पर भड़क उठी और देखते ही देखते लोग उन पर पत्थर बरसाने लगे। उन्होंने किसी को पत्थर नहीं मारा है और न ही किसी को गालियां दी हैं। डीएसपी सरवन सिंह बल ने कहा कि धान सरकारी एजेंसी का था। उसे पुलिस अपने कब्जे में नहीं ले सकती थी इसलिए ट्रक अनलोड करवाया गया। एएसआई के बदजुबानी वाले मामले की जांच करवाई जा रही है। जो भी आरोपी पाया गया उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।