हरियाणा की अलग एचएसजीपीसी बनने के बाद पंजाब और हरियाणा दोनों सूबों की सिख नेताओं में जबरदस्त तनाव की स्थिति है। हरियाणा के सिख नेता हरियाणा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के गठन के बाद हरियाणा के सभी बड़े-छोटे गुरुद्वारों की कमान संभालने को ‘बेताब’ हैं, जबकि इस ‘बेताबी’ पर पंजाब के सिख नेताओं ने कड़ी ‘चेतावनी’ दी हुई है।
अब इस ‘बेताबी’ और ‘चेतावनी’ के चक्रव्यूह में हरियाणा सरकार और मुख्यमंत्री हुड्डा फंस गए हैं। हालांकि हरियाणा सरकार ने सूबे के हर जिले में पुलिस को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं, लेकिन अभी तक हरियाणा सरकार किसी भी गुरुद्वारे पर कब्जे का प्रयास नहीं कर रही है। उधर, एसजीपीसी अमृतसर से संबंद्ध हरियाणा के सभी आठ बड़े व उन्नीस छोटे गुरुद्वारों पर पंजाब के सिख नेताओं व टास्क फोर्स का कब्जा है।
दिल्ली में हुड्डा से मिले झींडा व समर्थक
नए एचएसजीपीसी एक्ट के तहत हरियाणा के गुरुद्वारों पर कब्जा लेने का दबाव सरकार पर बनाने के लिए एचएसजीपीसी के कार्यवाहक अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा व उनके समर्थक शुक्रवार देर शाम दिल्ली पहुंचे।
वहां उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मिलकर उन्हें अलग एचएसजीपीसी बनाने के लिए बधाई दी। उन्होंने हुड्डा से आग्रह किया कि हरियाणा सरकार जल्द ही नए एक्ट के तहत हरियाणा के गुरुद्वारों की बागडोर अपने हाथों में ले।
इस दौरान झींडा व उनके समर्थकों ने सीएम हुड्डा को हरियाणा के सभी बड़े गुरुद्वारों पर पंजाब के सिख नेताओं व टास्क फोर्स के कब्जे की जानकारी और गुरुद्वारों के मौजूदा हालातों से भी अवगत करवाया।
उन्होंने बताया कि इस वक्त हरियाणा के गुरुद्वारों में पंजाब के सिख नेताओं की दखलअंदाजी की वजह से तनाव के हालत बने हैं। इससे संगत को भी गुरुद्वारों में माथा टेकने में काफी परेशानी आ रही है।
हुड्डा ने झींडा व अन्य समर्थकों को जल्द ही इस समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है। सीएम से मिलने वालों में एचएसजीपीसी के एडहॉक अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा, एसजीपीसी अंबाला से सदस्य हरपाल सिंह मच्छौंडा, करनाल के असंध से एसजीपीसी सदस्य भूपेंद्र सिंह, सिरसा से एसजीपीसी सदस्य गुरमीत सिंह, एचएसजीपीसी के एडहॉक महासचिव जोगा सिंह, रणजीत सिंह फौजी समेत अन्य सिख नेता शामिल रहे।
बादल ने अकाल तख्त की गरिमा गिराई
हरियाणा की अलग एचएसजीपीसी का गठन हो चुका है। इसके बावजूद पंजाब के सीएम गुरुद्वारों पर कब्जा करने की नीयत से दबाव बना रहे हैं। मेरा व नलवी और चट्ठा साहब को अकाल तख्त से बहिष्कार करवाकर भी सीएम पंजाब ने अकाल तख्त की गरिमा और शख्सियत पर बट्टा लगाया है। हरियाणा के सिख अलग एचएसजीपीसी के निर्णय से खुश है तो पंजाब के सिख क्यों बिना वजह यहां आकर दखलअंदाजी कर रहे हैं। हमने सीएम हरियाणा से मांग की है कि हरियाणा सरकार अलग एचएसजीपीसी कानून के तहत हरियाणा के गुरुद्वारों की कमान संभालें।
-जगदीश सिंह झींडा, एडहॉक अध्यक्ष, एचएसजीपीसी
संगतों को गुरुद्वारों में जाने में हो रही परेशानी
पंजाब के सिख नेताओं का हरियाणा के गुरुद्वारों पर कब्जा दुर्भाग्यपूर्ण बात है। संगतों को गुरुद्वारों में जाने में परेशानी हो रही है। हरियाणा की सिख संगत पसोपेश में है। जितने भी पंजाब के सिख नेताओं ने गुरुद्वारों पर कब्जा किया है, वे सब पंजाब सरकार के पेड कारिंदे हैं, जो यहां अपनी दबंगता दिखाना चाहते हैं। लेकिन हम अभी सभी से विनम्र निवेदन कर रहे हैं कि वे वापस पंजाब चलें जाएं, वरना कौम के लिए कुर्बानियां देना हरियाणा की सिख संगत को भी आता है। मेरा पंजाब सीएम से अनुरोध है कि वे टकराव की स्थिति पैदा न करें।
-हरपाल सिंह मच्छौंडा, सदस्य एसजीपीसी
मक्कड़ बोले, सरकार खुद बिगाड़ रही माहौल
राज्य में अलग हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के गठन को लेकर एसजीपीसी और हरियाणा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों में ठन गई है।
एसजीपीसी ने हरियाणा के तमाम आठों गुरुद्वारों में एसजीपीसी के सेवादारों को तैनात किया है, तो स्थानीय पुलिस प्रशासन के अलर्ट के लिहाज से तमाम गुरुद्वारों पर निगरानी रखे हुए हैं।
इस मामले को लेकर एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने कहा कि हरियाणा सरकार खुद माहौल को बिगड़ने का काम कर रही है। अलग हरियाणा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के लिए लाया गया बिल पूरी तरह से बकवास है।
उधर, हरियाणा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने के लिए पिछले कई वर्षों से संघर्ष कर रहे एचएसजीपीसी (एडहॉक) के अध्यक्ष जगदीश झींडा ने कहा कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपना अधिकार लेना चाहते हैं।
एसजीपीसी उन लोगों से ज्यादती कर रही है। हरियाणा के लोगों को गुरुद्वारों में पंजाब से बाहरी बल भेजकर डराने का काम किया जा रहा है। मक्कड़ ने कहा कि गुरुद्वारों में गुरु की गोलक में आने वाला पूरा पैसा सरकार के पास जमा होगा।
सरकार गुरुद्वारों में काम करने वाले लोगों को मुलाजिम बनाकर रखेगी। इस मामले में केंद्रीय गृह सचिव ने हरियाणा के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। रिपोर्ट कर इस बिल को राज्यपाल से वापस लेने के लिए कहा गया है। एसजीपीसी कभी कोई गलत काम नहीं करती।