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HSGPC: नहीं थम रहा विवाद, गुरुद्वारों में टास्क फोर्स तैनात

Sat, 19 Jul 2014 10:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला सिटी/नग्गल
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हरियाणा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की अलग घोषणा के बाद अब हरियाणा के गुरुद्वारों की बागडोर अपने हाथ में लेना हरियाणा सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। हालांकि हरियाणा सरकार की ओर से ऐसी कोई हलचल नहीं हुई है, लेकिन एसजीपीसी अमृतसर से जुड़े पंजाब  के सिख नेताओं व उनकी टास्क फोर्स ने हरियाणा के गुरुद्वारों में डेरा डाल लिया है।
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एसजीपीसी पंजाब के सदस्यों और टास्क फोर्स ने ये गतिविधि वीरवार को शुरू की थी और शुक्रवार तक वे हरियाणा के सभी बड़े गुरुद्वारों में अपना डेरा जमा चुके हैं। इन सिख नेताओं का कहना है कि हरियाणा सरकार का अलग एसजीपीसी बनाने का कदम पूरी तरह असंवैधानिक है। इसे सिख धर्म के अनुयायी कतई बरदाश्त नहीं करेंगे।

सिख नेताओं ने कहा कि वे इन गुरुद्वारों में हिंसा के मकसद से इकट्ठा नहीं हुए हैं। वे यहां हरियाणा सरकार की मनमानी से गुरुद्वारों को बचाने के लिए पहुंचे हैं। सिख नेताओं का कहना है कि गुरुद्वारों में जो भी सिख पंजाब व अन्य राज्यों से पहुंच रहे हैं, वे अपनी इच्छानुसार पहुंच रहे हैं, किसी को भी बुलावा नहीं दिया जा रहा है।
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सिख नेताओं के अनुसार अगर हरियाणा सरकार जबरदस्ती गुरुद्वारा पर कब्जा करती है तो वे लोग इसका विरोध पहले शांतिपूर्वक ढंग से करेंगे, लेकिन यदि जबरदस्ती की गई तो सिख संगत भी गुरुद्वारों की रक्षा के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार है।

हरियाणा के गुरुद्वारे पंजाब नेताओं की निगरानी में

हरियाणा में इस समय 8 बड़े  और 19 छोटे गुरुद्वारे है जो विभिन्न सेक्शन के तहत एसजीपीसी अमृतसर से संबंद्ध है। इन बड़े गुरुद्वारों में गुरुद्वारा नाड़ा साहिब पंचकूला, गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब व गुरुद्वारा मंजीसाहब अंबाला, गुरुद्वारा छठी पातशाही कुरुक्षेत्र, गुरुद्वारा नौवीं पातशाही (चीका) कैथल, गुरुद्वारा  नौवीं पातशाही धमधान साहिब व नौवीं पातशाही जींद व गुरुद्वारा साहिब कपाल मोचन यमुनानगर शामिल है।

इन सभी गुरुद्वारों पर पंजाब के अलग-अलग शहरों से सिख संगत और एसजीपीसी की टास्क फोर्स पहुंच चुकी है। सूत्रों के अनुसार हरियाणा के एक-एक गुरुद्वारों पर पंजाब के विभिन्न शहरों के सिख नेता व टास्क फोर्स के रूप में काफी संख्या में सिख एकत्रित हो चुकी है। इन्हें आगामी आदेशों तक डेरा जमाए रखने के आदेश दिए गए हैं।
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अंबाला में जबरदस्त तनाव, प्रशासन अलर्ट

अंबाला में भी दो बड़े गुरुद्वारों पंजोखरा साहिब और मंजी साहिब में भी पंजाब से सैकड़ों सिख नेता व टास्क फोर्स के सदस्य पहुंचे हुए हैं। शुक्रवार को इन नेताओं की गतिविधियां बढ़ने से अंबाला में जबरदस्त तनाव की स्थिति बनी रही और जिला प्रशासन भी अलर्ट रहा। दोनों गुरुद्वारों पर पंजाब से आए सिख नेता, सिख संगत के अलावा निहंग जत्थेबंदियों की फौज ने भी डेरा जमाए रखा।  इस दौरान कोई भी एसएसजीपीसी समर्थक नेता इन गुरुद्वारों के आसपास नजर नहीं आया।

इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया, पंजाब के पूर्व मंत्री हीरा सिंह गाबड़िया, वरिष्ठ अकाली नेता सुखदेव सिंह गोबिंदगढ़, एसजीपीसी सदस्य चरण सिंह आलमगीर, अजीत सिंह सौंडा, पूर्व एसजीपीसी सदस्य गुरदीप सिंह भानोखेड़ी, बलजिंद्र सिंह चुडियाला, संता सिंह उम्मेदपुरी, गुरचरण सिंह ग्रेवाल, रणजीत सिंह तलवंडी, विक्रम जीत सिंह खालसा, गुरबख्श सिंह खालसा, हरपाल सिंह, चरणजीत सिंह टक्कर, बीबी सुरजीत कौर, परमजीत सिंह, हरकीरत सिंह राणा, कंवलजीत सिंह, हरिंद्र सिंह राजू, व बाबा जीत सिंह समेत अन्य सिख नेता उपस्थित रहे।

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