नेशनल रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में दो पदक जीतने वाली जाह्नवी जिंदल।
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चंडीगढ़। शहर की स्केटिंग खिलाड़ी जाह्नवी जिंदल ने 58वीं राष्ट्रीय रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में गर्ल्स सब-जूनियर अंडर-14 में स्वर्ण पदक जीता। वहीं, फ्री स्टाइल में शहर के लिए कांस्य पदक जीतने वाली वह पहली खिलाड़ी बनी।
जाह्नवी जिंदल देश और विश्व की पहली ऐसी स्केटर है, जिनके पास स्केट पहनकर भांगड़ा डालने में महारत हासिल है। इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड 2021 में जाह्नवी जिंदल का नाम दर्ज हुआ है। इसके साथ ही रोलर फ्री स्टाइल की नेशनल मेडलिस्ट भी हैं। मात्र 13 वर्ष की उम्र में यह उपलिब्ध हासिल की। इस मुकाम तक पहुंचने की पीछे जाह्नवी के माता-पिता की कड़ी मेहनत हैं, जिनकी बदौलत वह इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड बुक और स्केट के साथ भंगड़ा करने में माहिर बनी।
पिता मुनीष जिंदल आईएफएफसीओ कंपनी में डीजीएम हैं और मां दिव्या जिंदल सेक्टर-16 के गवर्नमेंट स्कूल में हिंदी की शिक्षिका हैं। पिता मुनीष ने बताया कि वह खुद एडवेंचर को शौक रखते हैं। बेटी को भी कई बार साथ लेकर गए। एडवेंचर में रिवर क्रॉसिंग, ऊंचाई से जंप लगाने के दौरान जाह्नवी की एडवेंचर में रुचि बढ़ती गई। एडवेंचर स्केटिंग के तहत वह घर की सीढ़ियों, पार्क, मार्केट के शोरूमों के रैंप और वहां बनी सीढ़ियों पर स्केटिंग का अभ्यास करने लगी।
गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड्स में नाम दर्ज कराना लक्ष्य
जाह्नवी ने फ्री टाइम में स्केट पहनकर पंजाबी और हिंदी गीतों पर डांस करने का अभ्यास शुरू किया। जल्द ही इसमें भी महारत हासिल कर ली। आज वह भारत और विश्व की सबसे युवा स्केटर है जो स्केटिंग करते हुए भंगड़ा डाल सकती है। उसने कहा कि इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड के बाद मेरा लक्ष्य गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड्स में अपना नाम दर्ज कराना है।