चंडीगढ़ नगर निगम को कूड़ा देने के लिए अब लोगों को अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी पड़ेगी। इस बार के कूड़े के बिलों में पांच प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगकर आएगा। अधिसूचना के अनुसार हर साल कूड़े पर शुल्क बढ़ना है। अचानक बिलों में बढ़े हुए कूड़े का शुल्क को देखकर लोग निगम के दफ्तर पहुंचने लगे। वहां अधिसूचना की कॉपी दिखाई तो पता चला कि उन्हें हर साल कूड़ा देने के लिए शुल्क बढ़ाकर देना होगा।
शहरवासी लगातार बढ़े हुए पानी के बिलों और कूड़े को दामों को लेकर बवाल करते रहे हैं। विपक्ष भी इस मुद्दे को लगातार उठाता रहा है। सदन की बैठक में इन मुद्दों को लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ने ही भाजपा पर निशाना साधा था क्योंकि इससे पहले सदन में भाजपा और कांग्रेस के पार्षद थे। जब यह एजेंडा पास कराया गया तो कांग्रेस ने इसका विरोध भी किया था, लेकिन भाजपा के 19 और कांग्रेस के मात्र 7 पार्षद होने से उनकी एक न चली।
जिन लोगों के बढ़े हुए बिल आ गए हैं उन्होंने पुराने बिलों के साथ नए बिल का फोटो खींचकर वायरल करना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा है कि नगर निगम ने बिना बताए कूड़े के बिल बढ़ा दिए हैं। लोग अपने पार्षदों के साथ ही प्रशासन व निगम को भी टैग करके इसे वायरल कर रहे हैं। ऐसे में पार्षदों के लिए पानी के बाद अब कूड़े के शुल्क का मुद्दा भी चुनौती बनेगा।
समस्या समाधान टीम ने नगर निगम को पत्र लिखकर अपील की है कि बढ़े हुए दाम अधिसूचना के नियमानुसार किए गए हैं, लेकिन इससे पहले एक बार लोगों को किसी माध्यम से अवगत कराया जाता तो बेहतर होता। लोग अचानक बढ़े हुए दाम देखकर निगम भाग रहे हैं, उन्हें लग रहा है कि किसी गफलत में शुल्क बढ़ गए। हर दिन लोगों पर इतना बोझ बढ़ रहा है कि वह भूल जाता है कि उसे अपनी जेब और ढीली करनी होगी।
अधिसूचना के अनुसार हर साल पानी के दाम बढ़ने हैं, उसी के अनुसार बिल दिए गए हैं। इस संबंध में एक बार लोगों को अवगत करा दिया गया है। हर साल इसकी जानकारी दी जाए, यह कहीं नहीं होता है। किसी को कोई असमंजस हो तो निगम के दफ्तर में आकर समाधान करा सकता है। - आनिंदिता मित्रा, आयुक्त नगर निगम